प्रारंभिक समितियां (पैक्स) अपने कार्य क्षेत्र के किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक, कृषि यंत्र आदि के लिए ऋण उपलब्ध कराती हैं। सरकारी धान और गेहूं खरीद में भी प्रारंभिक समितियों का लक्ष्य लगभग 40 फीसद रहता है। जिलास्तरीय समितियां बैंक के साथ प्रारंभिक समितियों को ऋण उपलब्ध कराती हैं।