जिन लोगों ने 72 घंटे में पंजीयन करवाया उनका सर्वे हो चुका है। जिले में 1626 प्रयोग हो चुके हैं। उनका डाटा निर्धारण किया जा रहा है। धान के प्रयोग होना है। किसानों को डेटा संधारण के आधार पर जल्द बीमा क्लेम मिलेगा। कैलाशचन्द मीणा, सहायक, निदेशक, कृषि विस्तार, झालावाड़।