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Janmashtmi 2022: द्वारिकाधीश के जन्मोत्सव पर सजेगा 351 किलोफूल बंगला

Janmashtmi 2022: भगवान द्वारिकाधीश का 101 किलो दूध, 5 किलो दही, 5 किलो घी, 5 किलो शक्कर, आधा किलो शहद से पंचामृत बनाकर अभिषेक किया जाएगा
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झालावाड़

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Ranjeet Singh Solanki

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Updated: 18 Aug 2022, 4:40 PM IST

Janmashtami...द्वारिकाधीश के जन्मोत्सव पर सजेगा 351 किलोफूल बंगला

Janmashtami...द्वारिकाधीश के जन्मोत्सव पर सजेगा 351 किलोफूल बंगला

झालरापाटन। भगवान श्रीकृष्ण की पौराणिक मान्यताओं से जुड़े रियासतकालीन द्वारिकाधीश मंदिर में शुक्रवार को जन्माष्टमी पर्व मनाया जाएगा। मंदिर में जन्माष्टमी के उत्सव को लेकर तैयारियां चल रही है।

मंदिर में होने वाले आयोजनों के बारे में द्वारिकाधीश पुष्टि भक्ति सत्संग समिति प्रवक्ता रविराज पाटीदार ने बताया कि इस बार मंदिर को भव्य तरीके से रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। मंदिर प्रांगण में उज्जैन से आए कलाकार जीतू सुमन एंड पार्टी 351 किलो फूलों से फूल बंगला सजा रहे हैं। 216 वर्ष पुराने द्वारिकाधीश मंदिर में जन्माष्टमी का पर्व रियासत काल से अब तक मनाया जा रहा है।

पंचामृत से होगा अभिषेक

द्वारिकाधीश पुष्टि भक्ति सत्संग समिति एवं देवस्थान विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित जन्माष्टमी के इस दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को सुबह मंगला दर्शन में भगवान द्वारिकाधीश का 101 किलो दूध, 5 किलो दही, 5 किलो घी, 5 किलो शक्कर, आधा किलो शहद से पंचामृत बनाकर अभिषेक किया जाएगा और नई पोशाक व गहने धारण करवाए जाएंगे। प्रवक्ता पाटीदार ने बताया कि जन्माष्टमी पर्व की तैयारियों को लेकर गुरुवार को मंदिर प्रांगण और परिसर की साफ-सफाई और धुलाई करवाई गई। मंदिर एवं परिसर में विद्युत सजावट कराई गई।

- शुक्रवार रात 8 से 11 बजे तक भगवान द्वारिकाधीश के दर्शन होंगे।

- मंदिर परिसर के बाहर रात 8 से 12 बजे तक भजन गायिका ममता शर्मा एंड पार्टी की भजन संध्या

- राधा कृष्ण बनो प्रतियोगिता होगी। जिसमें राधा कृष्ण का पात्र बनकर आने वाले प्रत्येक पात्र को समिति की ओर से पारितोषिक दिया जाएगा।

- रात 12 बजे बैंड बाजों, ढोल नगाड़ा, शहनाई वादन, शंखनाद, पालकी रे पालकी जय कन्हैया लाल की, आनंद के घर नंद भयो जयकारों और बंदूके चलाकर भगवान द्वारिकाधीश के जन्मोत्सव दर्शन होंगे।

- शनिवार सुबह भगवान के दर्शन पलना में होंगे। सुबह 9 से 12 बजे तक नंद उत्सव मनाया जाएगा।

प्रवेश की यह रहेगी व्यवस्था

- श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार से महिला एवं पुरुषों के अलग-अलग प्रवेश के लिए रेलिंग लगाई गई है। श्रद्धालु इस रेलिंग में होकर मंदिर में प्रवेश कर दर्शन करके गोवर्धन नाथ मंदिर के दरवाजे से वापस बाहर आएंगे। इस दौरान समूचे परिसर में पुलिस का व्यापक बंदोबस्त किया गया है।

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सावधानी बरतें

कार्यक्रम के दौरान अपार भीड़ होने के कारण महिलाएं महंगे आभूषण पहन कर नहीं आए साथ ही अपने मोबाइल का ध्यान उन्हें रखना है।

दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु

जिले के इस प्रमुख श्री कृष्ण द्वारिकाधीश मंदिर मैं जन्माष्टमी पर दर्शन के लिए झालरापाटन के अलावा झालावाड़, रायपुर, पिडावा, सुनेल, भवानी मंडी, रामगंजमंडी, कोटा, बारां, छबड़ा, छीपाबड़ोद, खानपुर, मनोहर थाना, अकलेरा तक के श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।

इन मंदिरों में भी होंगे कार्यक्रम

जन्माष्टमी पर आनंद धाम मंदिर में शाम 6 बजे से झांकी दर्शन, रात को भजन संध्या, रात 12 बजे कृष्ण जन्मोत्सव व महा आरती, शनिवार को नंद उत्सव, शाम को महा आरती और प्रसाद वितरण, इसके अलावा श्रीमन नारायण मंदिर, सूर्य मंदिर सहित अन्य मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर भी भगवान कृष्ण की प्रतिमा ओके विशेष श्रंगार व झांकी बनेगी।