इससे पूर्व शिवचरण माथुर की सभा रटलाई कस्बे में थी। उस जमाने में मुख्यमंत्री के पास भी जीप ही हुआ करती थी, रोड बहुत ज्यादा खराब थे। हम साढ़े आठ बजे रटलाई पहुंचे जहां 9.30 बजे तक सभा चली। उसके बाद झालरापाटन, भवानीमंडी, डग होते हुए चौमहला पहुंचे जहां रात 1.30 बजे भी बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ थी।