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Diwali 2023: ग्रीन पटाखे बेचने के लिए मिलेंगे अस्थाई लाइसेंस, ऐसे करें अप्लाई

दीपावली त्योहार पर ग्रीन आतिशबाजी (पटाखों) की बिक्री के लिए अस्थाई लाइसेंस जारी होंगे। इसके लिए इच्छुक व्यक्ति आवेदन पत्र निर्धारित प्रपत्र में मंगलवार तक जमा करा सकते हैं।
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झालावाड़

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Akshita Deora

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Updated: 8 Oct 2023, 4:13 PM IST

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झालावाड़. दीपावली त्योहार पर ग्रीन आतिशबाजी (पटाखों) की बिक्री के लिए अस्थाई लाइसेंस जारी होंगे। इसके लिए इच्छुक व्यक्ति आवेदन पत्र निर्धारित प्रपत्र में मंगलवार तक जमा करा सकते हैं। कलक्टर कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार आवेदन पत्र कलक्टर कार्यालय में 2 रूपए का कोर्ट फीस स्टाम्प लगाना होगा। आवेदन पत्र के साथ 50 रूपए के नॉन-ज्यूडिशियल स्टाम्प पर शपथ पत्रा नोटरी पब्लिक से प्रमाणित करवाकर संलग्न किया जाएगा। शपथ पत्र का प्रारूप आवेदन पत्र के साथ उपलब्ध होगा। आवेदन पत्र दो प्रतियों में पूर्ण एवं स्पष्ट रूप से भरकर प्रस्तावित व्यापार स्थल के स्पष्ट साईट प्लान इसमें व्यवसाय स्थल के चारों और की स्थिति दर्शाई हुई हो। आवेदन पूर्ण पता मय हस्ताक्षरशुदा एवं अग्निशमन यंत्र भरा होने की रसीद के साथ प्रस्तुत करना होगा। गत वर्षो में जारी अस्थाई अनुज्ञापत्रा की फोटो प्रतियां भी संलग्न की जा सकती है। जन सुरक्षा की दृष्टि से विस्फोटक सामग्री या विस्फोटक पदार्थ की एक दुकान से दूसरी दुकान से दुकान के मध्य की दूरी कम से कम 15 मीटर होना आवश्यक है।
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क्या होते हैं ग्रीन पटाखे
सुप्रीम कोर्ट ने तय सीमा में आवाज और धुंए वाले पटाखों को ही ग्रीन यानी इको फ्रेंडली पटाखा माना है। ग्रीन पटाखे देखने, जलने और आवाज में सामान्य पटाखों की तरह होते है। लेकिन इनसे प्रदूषण कम होता है। इनमें नाइट्रोजन ऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड की कम मात्रा इस्तेमाल होती है। सामान्य पटाखों की तुलना में इन्हें जलाने पर 40 से 50 प्रतिशत तक कम हानिकारक गैस पैदा होती है। पटाखों के डिब्बों पर नीरी का हरे रंग का लोगों एवं क्यू आर कोड होता है, जिसे स्केन कर ग्रीन पटाखों की पहचान की जा सकती है।

ग्रीन पटाखों से कम फैलता है प्रदूषण
ग्रीन पटाखों से प्रदूषण अन्य सामान्य पटाखों की तुलना में कम होता है। ग्रीन पटाखों से अन्य पटाखों ग्रीन श्रेणी में आने वाले पटाखों के लिए उत्पादक को एक सर्टिफिकेट नीरी द्वारा दिया जाता है।
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आखिर सामान्य पटाखे क्यों हानिकारक है
सामान्य पटाखों के जलने से भारी मात्रा में नाइट्रोजन और सल्फर डाइऑक्साइड गैस निकलती है। जो हमारे शरीर के लिए नुकसानदेह होती है। बुजुर्गो और गर्भवती महिलाओं के लिए सामान्य पटाखे हानिकारक होते है।