झालावाड़. किशोर न्याय अधिनियम 2015 एवं आदर्श नियम 2016 के तहत पंजीकृत राजकीय सम्प्रेक्षण एवं किशोर गृह में विधि से संघर्षरत बालक आवासरत् हैं। उक्त बालकों को योग व्यायाम सिखाने,,अनौपचारिक शिक्षा से जोडऩे, अक्षर ज्ञान, नैतिक मूल्य की शिक्षा देने एवं सृजनात्मक कौशल, क्राफ्ट संबंधित गतिविधियां,लिफाफे बनाना आदि कराने का प्रशिक्षण देने में समाज से स्वैच्छिक सहयोग की अपेक्षा है,इस काम के लिए नि:शुल्क सेवा प्रदान करने के इच्छुक सेवानिवृत अथवा अन्य व्यक्ति, शिक्षक, क्राफ्ट टीचर, योग शिक्षक आदि 13 सितम्बर तक कार्यालय सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल अधिकारिता विभाग धनवाड़ा में आवेदन दिया जा सकता है।