कारसेवकों के लिए भोजन की व्यवस्था राजस्थान के एक-एक जिले को दी जाती थी। जब 6 दिसंबर को हम कार सेवक भोजन की व्यवस्था कर रहे थे, तब कुछ कार सेवक आए और बोले जय श्रीराम हो गया है काम। बाबरी मस्जिद ढांचे को ढहाने का काम शुरू हो गया है। इसके बाद हम सभी लोगों ने 36 घंटे तक ढांचे को ढहाने का काम किया। दूसरे दिन सुबह करीब 5 बजे फोर्स आ गई। इसके बाद सभी को पाबंद कर घरों के लिए रवाना कर दिया। सभी कार सेवक ट्रेन से घर आ रहे थे, तब बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पर पथराव हुआ था। आठ दिसंबर को जब भवानीमंडी पहुंचे तो प्रशासन ने प्रत्येक कार सेवक को गांव ले ले जाकर घर तक छोड़ा था।