ऑपरेशन में यूरोलॉजिस्ट डॉ.विशाल नेनीवाल के नेतृत्व में नर्सिंग स्टाफ कीर्ति, कन्हैया लाल, छोटू, प्रेमलता, एनेस्थिसिया विभाग के डॉ.राजन नंदा, डॉ.संजीव गुप्ता, डॉ.सुधीर आदि ने सहयोग किया। ऑपरेशन सुबह 8 बजे शुरु हुआ जो शाम 3.45 बजे तक चला। पेशाब की नई थैली बनाई- 34 वर्षीय महिला की पेशाब, बच्चेदानी, अंडकोष, पेशाब की नली आदि को निकालकर दोनों तरफ के लिम्फनोड निकाले आंतों से नई पेशाब की थैली बनाकर तैयार की गई,उसके बाद महिला का ऑपरेशन किया गया। ये थी महिला को परेशानी- महिला को कई दिनों से पेट दर्द, पेशाब में खून आ रहा था, पेशाब करने के बाद एक बार में पेशाब सही नहीं आता था। ऐसे में डॉक्टरों ने जांच करवाई तो पेशाब की थैली में गठान थी, उसका एक टूकड़ा निकालकर जांच की तो कैंसर की पुष्टि हुई। ऐसे में कैंसर धीरे-धीरे अन्य अंगों में फेल रहा था, महिला का ऑपरेशन कर उस गठान को निकाला गया। ऑपरेशन काफी बड़ा था, ऐसे ऑपरेशन पहले झालावाड़ में होना संभव नहीं था, लेकिन अब यूरोलॉजी विभाग खुलने से झालावाड़ सहित मध्यप्रदेश के लोगों को भी इसका लाभ मिल सकेगा।