उन्हीं से प्रेरणा पाकर मानव सेवा का जज्बा पैदा हुआ। तब से डग चिकित्सालय में भर्ती मरीजों के लिए प्रात: अपने घर से सायकिल पर केटली में चाय भरकर नि:शुल्क वितरण करने निकल पड़ते हैं। सर्दी, गर्मी, बरसात तीनों मौसम उनके लिए अनुकूल हैं। उन्होंने बताया कि सेवा कार्य का ही प्रतिफल है कि आज वे इस उम्र में भी बिना सहारे के चलते हैं।