झालावाड़.असनावर कस्बे के एक मजदूर पिता पर उस समय दु:खों का पहाड़ टूट गया जब वो शाम घर पहुंचा तो बेटे को लहुलुहान देख उसके होंश उड गए। पिता आनन-फानन में बेटे सुरेन्द्र को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र असनावर पहुंचा लेकिन जानलेवा साबित हो रहे मांझे के आगे पिता हार गया। कुछ ही समय में अपनी गोद में बेटे के प्राण प्रखेरु उड़ते देख एक पिता स्तभ रह गया.. उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था। लेकिन प्रशासन तो समझदार है उसे भी ऐसी घटनाएं होने के बाद भी आखिर क्यों कुछ समझ नहीं आ रहा है। आखिर इसके जिम्मेदार... कौन !