
सेक्यूलर मोर्चे की सपा में सेंधमारी, इनके बाद और नेताओं का भी शामिल होने का दावा
झांसी. शिवपाल सिंह यादव धीरे-धीरे समाजवादी पार्टी से सारे रिश्ते खत्म करते जा रहे हैं। उनके आवासों और गाड़ियों पर पहले से ही सपा के झंडे नदारद थे। समाजवादी सेक्युलर मोर्चे का गठन करते ही उन्होंने अपने ट्विटर प्रोफाइल से भी सीनियर समाजवादी लीडर हटाकर समाजवादी सेक्युलर मोर्चा, जसवंतनगर विधायक लिख लिया है। शिवपाल यादव ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को ट्विटर पर अनफॉलो कर लिया है। इतना ही नहीं उन्होंने सपा समाजवादी पार्टी के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट को अपनी फॉलोइंग लिस्ट से हटा दिया है। मंगलवार को उन्होंने मुलायम के समाजवादी कुनबे में सुलह के प्रस्ताव को भी अस्वीकार कर दिया।
मोर्चे ने समाजवादी पार्टी में सेंध मारनी शरू की
शिवपाल सिंह यादव के सेक्यूलर मोर्चे ने समाजवादी पार्टी में सेंधमारी शुरू कर दी है। समाजवादी पार्टी में शामिल हुए तीन स्थानीय नेताओं ने शिवपाल के नेतृत्व में भरोसा जताया है। साथ ही जल्द ही कुछ और सपाइयों के सेक्यूलर मोर्चे में शामिल होने का दावा किया गया है। शिवपाल यादव के सेक्यूलर मोर्चे के गठन के बाद हाल ही में सपा नेत्री दीपमाला कुशवाहा, रानी लक्ष्मीबाई अरबन कोआपरेटिव बैंक के चेयरमैन डॉ. वीरेंद्र सिंह यादव व भगवान सिंह यादव शामिल हो चुके हैं। इनका दावा है कि समाजवादी पार्टी के तमाम और लोग सेक्यूलर मोर्चे का दामन थामने जा रहे हैं।
सपा मुलायम की पार्टी नहीं रही
रानी लक्ष्मीबाई अरबन कोआपरेटिव बैंक के चेयरमैन डॉ. वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि सपा अब मुलायम सिंह वाली पार्टी नहीं रही है। पार्टी में लोकतंत्र खत्म हो चुका है। सपा में अब विचारधारा की नहीं, बल्कि व्यक्तिवादी राजनीति हो रही है। यही वजह है कि पार्टी से तमाम लोग असंतुष्ट हैं, जिन्हें विकल्प की तलाश थी। सेक्यूलर मोर्चा ये विकल्प बनकर उभरा है। कुछ जिला पंचायत सदस्य, पूर्व ब्लाक प्रमुख व अन्य तमाम लोग सेक्यूलर मोर्चे में जाने वाले हैं। मोर्चा की इकाइयों के गठन के बाद इसकी घोषणा कर दी जाएगी। वहीं, सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल सिंह यादव ने कहा कि दीपमाला और वीरेंद्र सिंह यादव पहले से ही सपा में नहीं थे। जबकि, भगवान सिंह यादव पार्टी के सक्रिय सदस्य नहीं थे। इन लोगों के सेक्यूलर मोर्चे में जाने से सपा को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। झांसी में सेक्यूलर मोर्चा किसी भी दशा में अपनी जमीन तैयार नहीं कर पाएगा। सपा अखिलेश यादव के नेतृत्व में पूरी तरह से एकजुट है। अब यह माना जा रहा है कि अब शिवपाल सेकुलर मोर्चे के गठन की जरूरत और भावी रणनीति का खुलासा कर सकते हैं। समाजवादी सेकुलर मोर्चा के गठन के बाद शिवपाल ने कहा था कि वो प्रदेश की सभी 80 सीटों पर लोकसभा चुनाव में अपने प्रत्याशी उतारेंगे।
Updated on:
10 Sep 2018, 3:01 PM IST
Published on:
10 Sep 2018, 2:59 PM IST
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