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Rajasthan: बागवानी करते-करते बना डॉक्टर… लड़के को भी बता देता था लड़की, 200 से ज्यादा लिंग परीक्षण करने वाले मास्टरमाइंड को लेकर बड़ा खुलासा

Accused Avdhesh Pandey: पूछताछ में अवधेश ने कहा कि वह 2007 से भ्रूण लिंग परीक्षण कर रहा है और करोड़ों रुपए कमा चुका है।

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Awadhesh Pandey

आरोपी अवधेश पांडे। फोटो: पत्रिका

झुंझुनूं। राजस्थान और हरियाणा पीसीपीएनडीटी सेल की संयुक्त टीम के हत्थे चढ़ा अवधेश पांडे अब तक 200 से ज्यादा भ्रूण लिंग परीक्षण कर चुका है। 51 वर्षीय अवधेश की हर जांच किसी अजन्मे जीवन की मौत की पटकथा लिखती थी। पैसे के लिए वह जांच रिपोर्ट में लड़के को भी लड़की बता देता था।

पूछताछ में अवधेश ने कहा कि वह 2007 से भ्रूण लिंग परीक्षण कर रहा है और करोड़ों रुपए कमा चुका है। उसने कहा, ‘‘एक करोड़ कमाता हूं, 50 लाख जमानत में चला जाता है, जेल तो आराम करने जाता हूं।’’ आरोपी को रविवार को खेतड़ी में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

आठ बार गिरफ्त में आया, सैकड़ों दलालों का नेटवर्क

अवधेश पहली बार 2007 में पकड़ा गया था। तब से अब तक वह आठ बार पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है, लेकिन हर बार छूटकर फिर से यही धंधा शुरू कर देता था। पुलिस अब उसके नेटवर्क और उससे जुड़े दलालों की तलाश कर रही है।

बागवानी करते-करते बना डॉक्टर

अवधेश पांडे उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले का निवासी है। वह 1987 में खेतड़ी के एक निजी अस्पताल में बागवानी करता था। धीरे-धीरे उसने लैब जांच का काम सीखा और 1995 में लैब खोल ली। शुरुआत में वह महिला डॉक्टर से सोनोग्राफी कराता था, लेकिन बाद में खुद ही सीख गया। इसके बाद उसने खुद को डॉक्टर बता भ्रूण लिंग परीक्षण करना शुरू कर दिया। उसकी खेतड़ी में क्लीनिक भी है। वर्ष 2000 में उसने फर्जी पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट बनाकर युवाओं को फर्जी प्रमाणपत्र भी जारी किए।

50 हजार में करता था भ्रूण लिंग परीक्षण

पुलिस ने बताया कि अवधेश 50 हजार रुपए में भ्रूण लिंग परीक्षण करता था। इसके लिए उसने नेपाल से पोर्टेबल सोनोग्राफी मशीन मंगवाई थी, जिसे गाड़ियों में छिपाकर अलग-अलग जिलों में घूमकर जांच करता था। आरोपी अपने दलालों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं तक पहुंचता और जांच के बदले मोटी रकम वसूलता था।