
चिड़ावा में पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
पुलिस ने नकली नोट छापने वाले गिरोह के मुख्य सरगना समेत चार युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपी जयपुर के एक होटल में रहकर नकली नोट छाप रहे थे। पुलिस की दो टीमें अब नकली नोट की खरीद-फरोख्त करने वालों की तलाश में जुटी हैं। चिड़ावा थानाधिकारी विनोद सामरिया ने बताया कि मामले में मुख्य सरगना खुडानिया निवासी शुभम जांगिड़, हाउसिंग बोर्ड पाल रोड, जोधपुर निवासी सुरेंद्र कुमार व रातानाड़ा, जोधपुर के हिमांशु सोलंकी को जयपुर से गिरफ्तार किया गया है। इनसे गहनता से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि गिरोह के सदस्य कुछ माह से ही नकली नोट छापने में लगे थे। इनका एक साथी कुल्हडिय़ों का बास (पिलानी) निवासी अमित कुमार 15 दिसंबर को पिलानी चौराहे पर दुकान पर नकली नोट खपाने की कोशिश कर था जो कि पुलिस के हत्थे चढ़ गया। इसके बाद पुलिस ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए तीन अन्य युवकों को गिरफ्तार किया।
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य नकली नोट की बड़ी खेप छापने की फिराक में थे। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर छापे गए नकली नोट और नोट छापने के काम में ली गई सामग्री को बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उधर, तीनों आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया। जहां से शुभम और अमित को जेल भेज दिया गया। वहीं सुरेंद्र कुमावत और हिमांशु को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया।
यूं बनी नोट छापने की प्लानिंग
गिरोह में मुख्य रूप से तीन युवक जुड़े हुए हैं। चौथा युवक हैंडलर का काम करता था। थानाधिकारी सामरिया ने बताया कि खुडानिया निवासी शातिर शुभम की जोधपुर के सुरेंद्र कुमावत से पुरानी जान-पहचान थी। सुरेन्द्र कुछ दिन पहले शुभम से मिला। शुभम ने सुरेंद्र को चिड़ावा के होटल में ठहराया। यहां शुभम ने सुरेंद्र को नकली नोट छापकर अमीर बनने का सपना दिखाया। इसके बाद दोनों ने पिलानी से पुराना प्रिंटर खरीदा। उसी से होटल में ठहरकर नकली नोट छापे। यह नोट शुभम ने अपने परिचित अमित को खपाने के लिए दिए। नकली नोट आसानी चल गए। इस पर शुभम और सुरेंद्र ने बड़े स्तर पर नोट छापने की प्लॉनिंग की।
हिमांशु को भी गिरोह से जोड़ा
चिड़ावा में नकली नोट छापने की शुरुआत के बाद सुरेंद्र कुमावत वापस जयपुर चला गया। वहां ठेकेदारी के समय के मुनीम रहे हिमांशु को गिरोह में शामिल किया। जयपुर में सुरेंद्र और हिमांशु ने नया प्रिंटर खरीदकर नोट छापने शुरू किए। बाद में अलग-अलग जगहों पर नकली नोट खपाए।
गुडग़ांव से खरीदी स्याही-कागज
चिड़ावा में रहते नकली नोट छापने के लिए शुभम और सुरेंद्र ने पिलानी से पूराना प्रिंटर तो खरीद लिया। मगर स्याही और कागज नहीं मिला। इस पर गुडग़ांव से ही और कागज खरीदकर लाए।
घर में रहते, होटल में नोट छापते
युवकों ने चिड़ावा के बाद जयपुर में नकली नोट छापने का ठिकाना बना लिया था। आरोपी जयपुर में अलग जगह पर कमरा लेकर रहते थे। नोट छापने के लिए होटल में किराए पर लिए गए कमरे में आ जाते थे।
एक लाख में बदले 2.5 लाख के नकली नोट
गिरोह के सदस्य नए-नए हैंडलर जोड़ रहे थे। जो कि एक लाख के असली नोट के बदले अढ़ाई लाख रुपए नकली दे रहे थे। पुलिस की गिरफ्त में आने से पहले ही एक जगह करीब पौने दो लाख की डिलीवरी दी थी। उधर, पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह ने कुछ दिन पहले ही नकली नोट छापने का काम शुरू किया था। जो कि बीकानेर, जोधपुर, जयपुर, झुंझुनूं में लाखों रुपए खपा चुके हैं।
बेरोजगारी को बताया कारण
गिरोह का मुख्य सरगना खुडानिया निवासी शुभम सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। जो कि वैब डवलप भी करता था। गलत तरीके से गैमिंग भी करवा चुका है। वहीं सुरेंद्र कुमावत पीडब्ल्यूडी में ठेकेदार रहा है। ठेकेदारी में कर्जा होने के कारण जयपुर में छूपता फिर रहा था। युवक हिमांशु भी सुरेंद्र के पास मुनीम रह चुका है। वहीं शुभम से अमित की पुरानी जानकारी रही है।
बरामदगी में जुटी पुलिस टीमें
युवकों की गिरफ्तारी के बाद नकली नोट और नोट छापने के काम ली जा रही सामग्री को बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं। थानाधिकारी सामरिया ने बताया कि एसआई राजपाल और डीएसटी प्रभारी शेरसिंह फोगाट के नेतृत्व में दो टीमें बरामदगी में जुटी हैं। वहीं पुलिस टीमें नकली नोट खरीदने वालों की भी तलाश कर रही हैं।
यह थे पुलिस टीम में शामिल
थानाधिकारी विनोद सामरिया, एसआई राजपाल, एएसआई ओमप्रकाश सिंह, आसूचना अधिकारी अमित सिहाग, कांस्टेबल जगदीप, अनिल, कपिल कुमार, सवाई सिंह, डीएसटी प्रभारी शेरसिंह फोगाट, हैड कांस्टेबल दिनेश कुमार, सुरेंद्र काजला, सुनील कुमार, अंकित ओला, दिनेश कुमार, बुलेश कुमार, अमित मोटासरा शामिल थे। मामले में डीएसटी प्रभारी शेरसिंह फोगाट ओर अमित मोटासरा का विशेष योगदान रहा।
Updated on:
18 Dec 2023 11:36 pm
Published on:
18 Dec 2023 11:36 pm
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