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Asian Games 2018 : ओमप्रकाश ने निभाया पत्नी से किया वादा, जानिए नौकायन में गोल्ड विजेता की पूरी स्टोरी

एशियन गेम 2018 में झुंझुनूं के ओमप्रकाश ने जीता गोल्ड, गांव बुडाना के रहने वाले हैं ओमप्रकाश  
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झुंझुनू

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Vishwanath Saini

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Updated: 24 Aug 2018, 6:34 PM IST

Gold medalist Omprakash family

Gold medalist Omprakash biography in hindi

झुंझुनूं. जकार्ता में चल रहे एशियन गेम्स 2018 में झुंझुनूं के गांव बुडाना निवासी राजपूताना राइफल्स में कार्यरत ओमप्रकाश कृष्णियां ने स्वर्ण पदक जीता है। स्वर्ण पदक विजेता दल में शामिल बुडाना के ओमप्रकाश के परिजनों ने बताया कि दसवी की पढ़ाई के बाद में ओमप्रकाश सेना में भर्ती हो गया था। शुरू से ही खेलों में रूझान होने के कारण नौकायान का प्रशिक्षण पूणे में लिया। भाई जयप्रकाश ने बताया कि बड़े भाई का सपना देश के गोल्ड मेडल जीतना था। वर्ष 2014 में एशियन गेम्स में पांचवा स्थान प्राप्त किया था। लेकिन इसके बावजूद हिम्मत नहीं हारते हुए प्रैक्टिस जारी रखी।


पत्नी से कहा इस बार लाऊंगा सोना

पत्नी सरोज पति की सफलता स्वयं को गौरवांवित महसूस कर रही है। सरोज ने बताया कि दस दिन पहले 13 अगस्त को फोन किया। उस समय ओमप्रकाश तैयारियों में जुटे हुए थे। पत्नी को कहा कि इस बार गोल्ड मेडल लेकर ही लौटेगा।


पहले हुए निराश
फौज में कार्यरत छोटे भाई जयप्रकाश ने बताया कि गुरुवार को डब्लस में स्थान नहीं बनाने से बड़ा भाई निराश था। लेकिन परिजनों व साथियों ने हिम्मत बंधाई। इस पर टीम के साथ श्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए शुक्रवार को देश के लिए सोना जीता। देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर सीना चौड़ा कर दिया है।

मां बोली शुरू से ही खेल में रूची
किसान पिता शीशपाल कृष्णियां व मां शरबती ने बताया कि ओमप्रकाश की पढ़ाई से ज्यादा खेलों में रूची रही थी। एक दिन उसने नौकायान के लिए तैयारियों की बात कही। लेकिन रुपए खर्च होने की बात कही, इस पर मां शरबती ने हौंसला बढ़ाया। इसका परिणाम रहा कि कड़ी मेहनत में जुट गया।

सुबह से था इंतजार
भाई जयप्रकाश ने बताया कि सुबह प्रतियोगिता होने पर टीवी पर टकटकी लगाए बैठा था। लेकिन मैच का सीधा प्रसारण नहीं होने पर इंटरनेट पर जानकारी ले रहा था। कुछ देर बाद परिणाम आने पर खुशी का ठिकाना नहीं रहा। ओमप्रकाश का बेटा भव्य फिलहाल नर्सरी में पढ़ रहा है। चाचा, दादा, दादी, मां व चाची से पिता की उपलब्धी पर सारे मेडल गले में डालकर घूमता नजर आया। बेसब्री से पिता के आने का इंतजार कर रहा, रह-रहकर मां से पूछता पापा कब आएंगे।