#manju bala swami jhunjhunu
अब तक यह जीत चुकी
चूरू जिले के राजगढ़ उपखंड के चांदगोठी गांव में जन्मी मंजू का बचपन कठिनाइयों से भरा रहा। शुरू में बिना कोच के उसे काफी परेशानी हुई। लेकिन उसने हार नहीं मानी। मेहनत जारी रखी। आखिर वर्ष 2005 में वह दिन भी आया, जब मंजू का चयन पहली बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए किया गया। मंजू ने अपने चयन को सही साबित किया। पहली ही बार में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। फिर तो उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अब तक वह दो दर्जन से अधिक पदक जीत चुकी।
पिता विजय सिंह गांव चांदगोठी में चाय की थड़ी चलाते हैं। ससुराल पिलानी के लाडूंदा गांव में है।