
झुंझुनू। उन्होंने सात फेरे लिए ही थे। शादी के बाद की अनेक पारंपरिक रस्में अधूरी थी। फर्ज की राह में उन्होंने रस्मों की बजाय देश सेवा के लिए ड्यूटी को प्राथमिकता दी और चल पड़े कोरोना से लोगों को बचाने। यह एक हकीकत है बुहाना एसडीएम सुप्रिया व उनके आरपीएस पति विकास की। दोनों अपनी ड्यूटी को बखूबी निभा रहे हैं। दिन में समय मिलने पर मोबाइल पर बात करके एक-दूसरे का हालचाल पूछने के बाद फिर काम पर लौट जाते हैं।
चूरू जिले के श्योदानपुरा गांव की रहने वाली एसडीएम सुप्रिया का विवाह 15 मार्च को चूरू जिले के रतनपुरा निवासी आरपीएस विकास कुमार के साथ हुआ। 16 मार्च को सवेरे ससुराल पहुंचे। पुलिस अधिकारी विकास को 18 मार्च को जयपुर में कोरोना ड्यूटी में लगा दिया गया। वहीं एसडीएम सुप्रिया को 19 मार्च को झुंझुनू बुला लिया गया। उसके बाद उपखंड अधिकारी का पद रिक्त होने के कारण उन्हें लॉकडाउन एवं राजस्व कार्यो के निपटारे के लिए 31 मार्च को बुहाना लगा दिया गया। तभी से दोनों नहीं मिल पाए हैं। एसडीएम सुप्रिया बताती है कि दिनभर व्यस्तता के कारण जब फुर्सत मिलती है विकास से बात हो जाती है।
यह रस्में रह गई अधूरी
शादी के बाद नवविवाहित जोड़े की सालासर धाम की धोक, गठजोड़ा की जात तथा ननिहाल जाने सहित अन्य रस्म अदा करने से पहले ही फर्ज निभाने के लिए ड्यूटी पर बुला लिया गया।
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इसी तरह से उदयपुर में अभी सात फेरों से नई जिंदगी का आगाज हुआ ही था कि सेवा के फर्ज का बुलावा आ गया। दंपति संकट में पड़े लोगों को संभालने चल दिए। यह कहानी है नवविवाहित प्रशिक्षु आरपीएस कोटा निवासी पूजा नागर और झालावाड़ निवासी डॉ दीपक नागर की। इनका विवाह 9 फरवरी को हुआ था। पूजा नागर जयपुर में ड्यूटी दे रही है जबकि डॉ नागर उदयपुर के सीएचसी पर लोगों की जांच और इलाज में जुटे हैं।
Updated on:
16 Apr 2020 02:24 pm
Published on:
16 Apr 2020 02:23 pm
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