
Rajasthan News : झुंझुनूं में आप दस रुपए का सिक्का नहीं चला सकते। अगर आपके पास एक रुपए से लेकर पांच रुपए तक के सिक्के हैं तो बेझिझक चलाइए। लेकिन अगर 10 रुपए का सिक्का है तो उसे जेब में डाले रखिए, वह नहीं चलेगा। क्यों नहीं चलेगा, इसका कारण भी आपको कोई नहीं बताएगा। केवल झुंझुनूं में ही नहीं बल्कि राजस्थान के सीकर, नीमकाथाना व चूरू में भी 10 के सिक्के पर अघोषित पाबंदी है। व्यापारी, ऑटो, बस, पेट्रोल पंप, चाय-थड़ी, ठेले, सब्जीवाले समेत अन्य सभी 10 रुपए का सिक्का लेने से मना कर रहे हैं। जबकि जयपुर जैसे शहरों में दस सिक्का आसानी से चल रहा है।
जिले में कई साल से 10 रुपए के सिक्कों का लेनदेन बंद है। जिले में बाहर से आने वाले लोग दस रुपए का सिक्का दुकानदार समेत किसी अन्य को देते हैं तो उन्हे मना कर दिया जाता है। चूरू शहर में चाय की दुकान चलाने वाले आनंद, ई-मित्र संचालक प्रकाश, किराणा स्टोर चलाने वाले शंकर व कंप्यूटर शॉप चलाने वाले शिवशंकर व युवा गणेश बताते हैं कि यहां पर 10 रुपए का सिक्का न कोई लेता है और न ही कोई देता है। इसी तरह झुंझुनूं शहर के गुढ़ा रोड पर दुकानदार अविनाश कुमावत बताते हैं कि जब ग्राहक ही 10 का सिक्का नहीं लेता है तो उनसे कौन लेगा। खाजपुर रोड पर व्यापारी अजय सैनी व सब्जी विक्रेता विष्णु सैनी बताते हैं कि यहां पर 10 रुपए का न कोई सिक्का लेता है और न ही देता है।
दस रुपए के सिक्के के लेन-देन के लिए कोई मना नहीं कर सकता है। रिजर्व बैंक की ओर से जारी किए गए दस रुपए के सभी प्रकार के सिक्के चलन में हैं। चाहे झुंझुनूं हो या फिर कहीं दूसरी जगह सभी जगह दस रुपए के सिक्के पर कोई पाबंदी नहीं है।
गोपाल प्रसाद, लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर
दरअसल, शेखावाटी में यह अफवाह फैली है कि 10 रुपए का सिक्का मान्य नहीं है। इसके चलते लोग 10 का सिक्का लेने से लोग कतरा रहे हैं। जबकि रिजर्व बैंक ने कभी भी 10 रुपए के सिक्के बंद नहीं किए। कोई कारोबारी अगर इसे लेने से इनकार करे तो यह राष्ट्रीय मुद्रा का अपमान माना जाएगा।
रिजर्व बैंक ने बैंकों में सिक्के जमा करने की सीमा तय नहीं की। हालांकि सिक्का अधिनियम 2011 की धारा 6 (1) के अनुसार किसी भी मूल्य वर्ग के सिक्के एक रुपए से कम नहीं होने चाहिए व कुल एक हजार रुपए तक के भुगतान के लिए वैध रहेंगे। कोई भी व्यापारी 10 का सिक्का लेने से मना करे तो उसका वीडियो बनाकर जिला प्रशासन को भेजा जा सकता है। उस पर भारतीय मुद्रा का अपमान का मुकदमा दर्ज हो सकता है। कोई भी भारतीय मुद्रा को लेने से मना नहीं कर सकता है।
Updated on:
01 Dec 2024 03:00 pm
Published on:
01 Dec 2024 03:00 pm
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