
Rajasthan News : बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं और वैश्विक शैक्षणिक सहयोग को ध्यान में रखते हुए बिट्स पिलानी ने स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में बदलाव किया है। अब संस्थान सेमीकंडक्टर और नैनोसाइंस में एमएससी तथा पर्यावरण और संधारणीयता इंजीनियरिंग (एनवायरनमेंटल एंड सस्टेनेबिलिटी इंजीनियरिंग) में बी.ई. की पढ़ाई कराएगा। इसके साथ ही 2+2 अंतरराष्ट्रीय सहयोगात्मक कार्यक्रम भी शुरू किया है। इससे विद्यार्थियों को दोहरी डिग्री मिलेगी।
इस कार्यक्रम के तहत बिट्स पिलानी ने दुनिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारी की है। इनमें आरएमआइटी यूनिवर्सिटी (ऑस्ट्रेलिया), एसयूएनवाई बफेलो (यूएसए), आयोवा स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (यूएसए) व रेंससेलर पॉलिटेक्निक इंस्टीट्यूट (यूएसए) जैसे विश्वविद्यालय शामिल हैं।
देश के बोर्ड टॉपर्स की पहली पसंद अभी भी बिट्स पिलानी है। यहां मन से पढ़ाई करने का मतलब है कि नौकरी पक्की। वह भी बड़े पैकेज वाली। देश के प्रसिद्ध उद्योगपति घनश्याम दास बिड्ला की ओर से स्थापित यह संस्थान देश को हर वर्ष नए इंजीनियर दे रहा है। साथ ही यहां नए शोध भी हो रहे हैं। स्ववित्त पोषित बिट्स का नाम आज अपने बेहतर शिक्षा प्रबंधन के चलते विश्व में रोशन हो रहा है। बिट्स में बीई, एमई, फार्मेंसी, पीएचडी, बीटेक, एमटेक व एमबीए सहित अनेक प्रकार के उच्च स्तर के कोर्स करवाए जा रहे हैं। यहां पर प्रवेश के लिए प्रत्येक वर्ष ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया आयोजित की जाती है। बिट्स में प्रवेश लेना आज देश के हजारों युवाओं का सपना बना हुआ है।
Updated on:
20 Mar 2025, 10:05 AM IST
Published on:
20 Mar 2025, 9:06 AM IST
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