
अनूठी शादी: न कोई दहेज न ही कोई बाराती बस एक साइन में हो गई इस डॉक्टर की शादी, कलेक्टर बने साक्षी
पिलानी.
चकाचौंध माहौल में शादियों की कहानियों की चर्चा तो खूब पढऩे को मिलती है। मगर क्षेत्र के एक चिकित्सक ने खुद की शादी का खर्च जरूरतमंद परिवारों के बच्चों पर करने के लिए मंगलवार को कोर्ट में शादी की है। सूरजगढ़ क्षेत्र के गांव धींगडिया निवासी डा. संदीप कुमार राजकीय स्वास्थ्य केन्द्र छापड़ा में सेवारत हैं। परिजनों ने बेटे संदीप का रिश्ता पिलानी निवासी राजेन्द्र शर्मा की बेटी निधि से तय कर दिया। डा. संदीप तथा निधि ने शादी की तैयारियों में खर्च के लाखों रुपए की चकाचौंध से बचने के लिए कोर्ट में शादी करने का निर्णय किया तथा शादी में खर्च होने वाली राशि से क्षेत्र के जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा दिलाने में सहयोग करने का निर्णय किया। दोनों ने अपने विचार जब परिजनों को बताए तो परिजन भी इस नेक कार्य के लिए सहमत हो गये। फिर क्या था। डा. संदीप शर्मा तथा निधि ने कोर्ट में शादी के लिए आवेदन कर दिया। निर्धारित औपचारिकताओं के बाद मंगलवार को जिला कलक्टर दिनेश कुमार ने अपने कार्यालय में ही शादी की रस्म पूरी करवाई तथा शादी का प्रमाण पत्र जारी किया। डा. संदीप तथा निधि ने बताया कि अगले कुछ दिनों में एक योजना बना कर जरूतमंद परिवारों के बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में सहयोग करने के लिए कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
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दिखावे से बचे
परिवार का कहना है कि शादी जैसे पवित्र बंधन में दिखावे दूर रहना चाहिए। दिखावे के लिए शादियों में लोग लाखों खर्च करते है, इस फिजूल खर्च से मध्यम वर्ग परेशानी में पड़ जाता है। मध्यम वर्ग को कई बार कर्ज लेकर बेटियों की शादी करनी पड़ती है। दहेज के लोभी शादी के बाद लडक़ी के पिता को परेशान करते है। इसलिए शादी में महंगे खर्च से बचना चाहिए।
Published on:
6 Jun 2018, 12:42 PM IST
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