
कोरोना काल : हालात सामान्य रहने पर 7 फीसदी बढ़ सकती हैं हायरिंग गतिविधियां
नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी से सभी उद्योग प्रभावित हैं। इस दौरान कई लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा, वहीं कुछ लोगों के वेतन में कटौती हुई। टीमलीज की एम्प्लॉयमेंट आउटलुक रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि पिछले साल जैसा लॉकडाउन नहीं लगा, तो अप्रेल से जून, 2021 में कॉरपोरेट सेक्टर में सात फीसदी ज्यादा नौकरियां पैदा हो सकती हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हेल्थकेयर, फार्मास्युटिकल्स, एजुकेशनल सर्विसेज, ई-कॉमर्स एंड टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स और आइटी क्षेत्र से हायरिंग की मांग आ रही है।
जॉब बढऩे की उम्मीद : सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि सरकारी नीतियों और वैक्सीनेशन की वजह से अधिकांश देशों में नौकरियां बढऩे की उम्मीद है। हालांकि इस बीच कोरोना की नई लहर के कारण कुछ आशंकाएं भी हैं।
इन क्षेत्रों में बढ़ रही जॉब की मांग-
हेल्थकेयर और फार्मास्युटिकल सेक्टर की 58% से भी अधिक कंपनियां नई भर्तियां करने के लिए तैयार हैं, जबकि पिछली तिमाही में यह आंकड़ा 11% था। 55% एजुकेशनल सर्विसेज कंपनियां, 51% ई-कॉमर्स एंड टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स, 50% आइटी कंपनियां, 46% एफएमसीजी और नॉलेज प्रोसेस कंपनियां, 41% एग्रीकल्चर कंपनियां और 39% टेलीकम्युनिकेशन कंपनियां हायरिंग करेंगी।
यहां सामान्य संख्या में नई नौकरियां-
गु रुग्राम में 29 फीसदी, चेन्नई में 27 फीसदी, पुणे में 27 फीसदी, मुंबई में 33 फीसदी और कोलकाता में 25 फीसदी नई नौकरियां मिलेंगी। कुल मिलाकर सकारात्मक माहौल है, लेकिन एनर्जी, बीपीओ एवं आइटीई, मीडिया, एंटरटेनमेंट जैसे क्षेत्रों में नई नौकरियों को लेकर उत्साह लौटने में समय लग सकता है।
विभिन्न क्षेत्रों में इस तरह होगी हायरिंग-
फील्ड - जॉब रेश्यो
हेल्थकेयर और फार्मास्युटिकल- 58 %
एजुकेशनल सर्विसेज कंपनियां - 55 %
ई-कॉमर्स एंड टेक्नोलॉजी स्टार्टअप्स - 51 %
आइटी कंपनियां - 50 %
एफएमसीजी कंपनियां - 46 %
एग्रीकल्चर-एग्रोकेमिकल्स - 41 %
टेलीकम्युनिकेशन - 39 %
Published on:
20 Apr 2021 11:06 am
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