
यूपी बोर्ड परीक्षाq
यूपी बोर्ड परीक्षा (UP Board Exam) में शामिल होने वाले करीब 56 लाख स्टूडेंट्स को इस बार शैक्षिक प्रमाण पत्रों में त्रुटियों को ठीक कराने के लिए परेष्शानी नहीं उठानी पड़ेगी। बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव ने सभी स्कूलों के जिला विद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों से प्रमाण पत्र लें। स्कूल के सभी छात्रों के स्कूल अभिलेखानुसार जांचकर सही सही संशोधन परिषद की वेबसाइट पर डाल दिए गए हैं। अब कोई त्रुटि या संसोधन बाकी नहीं है। डीआईओएस को टीमें गठित कर 15 नवंबर तक सभी स्कूलों की कक्षा नौ से 12 तक के छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन नामावलियों में मुद्रित विवरण की जांच स्कूलों के एसआर रजिस्टर से कराने का निर्देश है।
कुछ स्कूलों के एसआर रजिस्टरों की जांच जिला विद्यालय स्वयं करेंगे। जिससे स्कूलों में किसी प्रकार से कोई फर्जी पंजीकरण न हो सके। बोर्ड की वेबसाइट पर 15 नवंबर तक ही नाम या अन्य विवरण में संशोधन-अपडेशन होगा। बिना किसी ठोस कारण के किसी भी छात्र या छात्रा के विवरण में पूर्ण परिवर्तन करना प्रतिबंधित है। बिना ठोस कारण के ऐसा होता है तो संबंधित दोषी प्रधानाचार्य पर दंडात्मक कार्यवाही हो सकती है। बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटर परीक्षा 2020 के लिए केंद्रों की सूची नौ नवंबर तक वेबसाइट पर ऑनलाइन जारी होगी। प्रमाणपत्र पर नाम, जन्मतिथि, माता-पिता के नाम आदि में गलती होती है।
Published on:
31 Oct 2019 12:45 pm
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