
जोधपुर। अनिता चौधरी हत्याकांड को 19 दिन हो चुके हैं। परिजन और पुलिस के गतिरोध के बीच 15वें दिन शव का पोस्टमार्टम कराया गया, लेकिन परिजन अभी तक अंतिम संस्कार नहीं करवाने पर अड़े हैं। वे हत्या से जुड़े लोगों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं। बता दें कि हत्याकांड को 2 सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है। मामला उलझा हुआ है। पुलिस को अभी भी आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं।
शनिवार को मुख्य आरोपी गुलामुद्दीन की सात दिन की रिमांड अवधि समाप्त होने पर उसे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने गुलामुद्दीन का रिमांड सात दिन और बढ़ा दिया गया है। यहां पुलिस ने कोर्ट में गुलामुद्दीन से मामले की सच्चाई उगलवाने के लिए उसका पॉलिग्राफी टेस्ट करवाने का प्रार्थना पत्र दिया। कोर्ट इस याचिका पर 18 नवम्बर की सुनवाई में जवाब देगा।
पॉलीग्राफी टेस्ट के जरिए पता चलता है कि व्यक्ति सच बोल रहा है या झूठ। शरीर पर एक मशीन के जरिए कई तरह के सेंसर लगाए जाते हैं। पूछताछ के दौरान जब व्यक्ति सवालों के जवाब देता है तो शरीर में होने वाले बदलाव जैसे दिल की धड़कन बढ़ना, ब्लड प्रेशर बढ़ना, पसीना आना आदि से पता चलता है कि व्यक्ति सहज नहीं है। वह झूठ बोल रहा है। इस टेस्ट के लिए आरोपी की सहमति लेना जरूरी है। बिना सहमति के पुलिस यह टेस्ट नहीं कर सकती।
पुलिस के अनुसार गुलामुद्दीन पिछले काफी समय से अनिता को अन्य मोबाइल नम्बर से अंकल बनकर बात कर रहा था। वह उसके जेवर लूटना चाहता था। उसने अनिता को मिलने के लिए गंगाणा बुलाया था। इसके लिए वह बैग में मारवाड़ पोशाक भी साथ ले गई थी। साजिश के तहत आरोपी ने पत्नी व तीनों बेटियों को पत्नी की बहन के घर भेज दिया था। फिर दोपहर में अनिता गंगाणा पहुंची तो वह चेहरे को ढंककर अनिता को ऑटो से घर तक लाया था। अनिता ने अंकल से मिलने के लिए सलवार सूट बदलकर पोशाक पहनी थी।
फिर अनिता को अंकल की बजाय गुलामुद्दीन का घर होने का पता लगा था। तब तक आरोपी ने नींद की गोलियां मिलाकर उसे शर्बत पिला दिया था। जिससे वह बेहोश हो गई थी। इसका फायदा उठाकर उसने महिला के गले से सोने की चेन व तीन अंगूठियां लूट ली थी। काफी घंटे बाद महिला को होश नहीं आया था। मध्यरात्रि के बाद या अल-सुबह उसने ललाट पर हथौड़ा मारकर अनिता की हत्या कर दी थी।
इधर, अनिता चौधरी के पति मनमोहन व पुत्र राहुल कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड स्थित वीर तेजा मंदिर में धरने पर बैठे हैं। कार्यपालक मजिस्ट्रेट की ओर से जारी 24 घंटे में पोस्टमार्टम करवाने संबंधी नोटिस तामील कराने के लिए गुरुवार रात पुलिस मंदिर पहुंची थी, लेकिन परिजन सामने नहीं आए थे। पुलिस ने सरदारपुरा में मकान पर नोटिस चस्पा किया था। पुत्र राहुल का कहना है कि यदि पुलिस जबरन मां का अंतिम संस्कार कराती है तो वह पुलिस कमिश्नर कार्यालय के सामने आत्मदाह कर लेगा।
Updated on:
16 Nov 2024 08:28 pm
Published on:
16 Nov 2024 08:28 pm
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