
गौरतलब है कि एएनएम भंवरी देवी की एक सितंबर 2011 को गुमशुदगी दर्ज हुई थी तथा 5 सितंबर को अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। तत्कालीन आईजी उमेश मिश्रा की निगरानी में भंवरी की तलाश शुरू हुई। कामयाबी नहीं मिलने पर 11 अक्टूबर को सीबीआइ में एफआइआर दर्ज की गई। सीबीआई एसपी राकेश राठी के नेतृत्व में टीम ने अनुसंधान किया। करीब पांच हजार पन्नों की अनुसंधान रिपोर्ट पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता गत 22 फरवरी से राठी से जिरह कर रहे हैं। जिरह शनिवार को भी जारी रहेगी।
जयपुर। बहुचर्चित एएनएम भंवरी देवी अपहरण और हत्या के मामले के आरोपी परसराम विश्नोई को अंतरिम जमानत मिल गई है। राजस्थान हाईकोर्ट ने बेटा और बेटी की सगाई के लिए परसराम विश्नोई की अंतरिम जमानत मंजूर की। कोर्ट ने परसराम विश्नोई को 15 फरवरी से 20 फरवरी तक के लिए अंतरिम जमानत दी है। 20 फरवरी को फिर परसराम को सरेंडर करना होगा।
मलखान सिंह और इंद्रा विश्नोई की अर्जी हो चुकी है खारिज
इससे पहले भंवरी देवी अपहरण व हत्या के मामले में अन्य आरोपी पूर्व विधायक मलखान सिंह विश्नोई और उनकी बहन इंद्रा विश्नोई की अंतरिम जमानत की अर्जी मंगलवार को राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थी। न्यायाधीश पीके लोहरा की एकलपीठ में मलखान सिंह के बेटे संजय विश्नोई ने स्वयं पैरवी की थी। लेकिन सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक पन्नेसिंह ने अंतरिम जमानत का विरोध करते हुए कहा कि इस प्रकरण में अब तक किसी को अंतरिम जमानत नहीं दी गई है।
सगाई कार्यक्रम के लिए अंतरिम जमानत स्वीकार योग्य नहीं
शोक की स्थिति में पुलिस अभिरक्षा में आरोपी जेल से बाहर आए थे। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने सगाई कार्यक्रम के लिए अंतरिम जमानत मांगी है, जो स्वीकार किए जाने योग्य नहीं है। बाद में याचिकाकर्ताओं की तरफ से मलखान सिंह एवं इंद्रा विश्नोई की संयुक्त याचिका पर बल नहीं दिए जाने के आग्रह पर कोर्ट ने इस आधार पर याचिका खारिज कर दी।
Updated on:
14 Feb 2019 01:17 pm
Published on:
14 Feb 2019 01:05 pm
