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बिलाड़ा में एेसा क्या हुआ कि किसान व व्यापारी आ गए संकट में

देश की बड़ी मंडियों में जिन्सों की लिवाली कम हो जाने का सीधा प्रभाव जिन्सों के भावों पर पडऩे लगा है। इसका खामियाजा किसानों व व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है।
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कवर्धा

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Pawan Kumar Pareek

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Updated: 27 May 2017, 12:27 AM IST

Businessman & farmers of Bilara in crisis

Businessman & farmers of Bilara in crisis

देश की बड़ी मंडियों में जिन्सों की लिवाली एकाएक कम हो जाने का सीधा प्रभाव जिन्सों के भावों पर पड़ा है, जिससे किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम भी नहीं मिल रहा है,

वहीं मंडी के व्यापारियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिन व्यापारियों ने एक माह पहले ऊंचे दामों पर किरियाणा जिंसों की खरीद की थी, उनकी मांग बड़ी मंडियों में नहीं के बराबर होने से भावों में बड़ी गिरावट के चलते व्यापारी वर्ग के साथ-साथ किसान भारी परेशानी में है।

कृषि उपज मंडी व्यापार संघ के अध्यक्ष महेन्द्रसिंह राठोड़ एवं सचिव बाबूलाल तिलायचा की माने तो व्यापारियों को सर्वाधिक झटका ग्वार, सौंफ, मैथी एवं जीरे ने दिया है।

वे बताते है कि प्रारम्भ में जब ये जिन्से मंडी में पहुंची उस समय जीरा हमने 20 हजार के करीब प्रति क्विंटल खरीदा, इसी प्रकार चना 55 सौ, सोफ 12 हजार, ग्वार 42 सौ, इसी तरह अन्य उपज भी ऊंचे दामों पर खरीदी और अब एकाएक बड़ी मंडियों में लिवाली ठप्प हो जाने से उनका करोड़ों रुपए फंस चुके है।

भावों में गिरावट एक नजर में

जिन्स वर्तमान एक माह पहले

(भाव प्रति क्विंटल)

जीरा 20000 15000

सौंफ 12000 4500

कपास 6500 5500

ग्वार 4200 3200

तारामीरा 4800 3450

चना 5500 4800

मैथी 8000 2500

रायड़ा 3700 3200

सोआ 6000 4000

ईसबगोल 11000 9000

अरण्डी 4500 4000

कणक 3200 2100

तिल 8000 6000