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अस्पताल में दो साल से चिकित्सक बढ़े न सुविधाएं, हो गया क्रमोन्नयन

आऊ. राज्य सरकार ने दो साल पहले क्रमोन्नत कर यहां के अस्पताल को प्राथमिक से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बना दिया, लेकिन यह क्रमोन्नति कागजी ही साबित हुई।
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जोधपुर

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Manish kumar Panwar

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Updated: 5 Oct 2018, 12:51 AM IST

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अस्पताल में दो साल से चिकित्सक बढ़े न सुविधाएं, हो गया क्रमोन्नयन

आऊ. राज्य सरकार ने दो साल पहले क्रमोन्नत कर यहां के अस्पताल को प्राथमिक से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बना दिया, लेकिन यह क्रमोन्नति कागजी ही साबित हुई। इस अवधि के दौरान न तो चिकित्सक बढ़ाए गए और ना ही अन्य सुविधाएं। अब इसे विकास कार्यों की सूची में शामिल कर शुक्रवार को इसका लोकार्पण किया जा रहा है। सोलह जून २०१६ को राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर यहां के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को क्रमोन्नत कर जब इसे सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बनाया था तब से आज तक यहां वरिष्ठ चिकित्सा कर्मियों के आधा दर्जन पद स्वीकृत हैं, लेकिन आज तक इनमें से किसी पद पर नियुक्ति नहीं दी गई। केवल एक चिकित्सक के भरोसे ही अस्पताल चल रहा है। वह भी प्रतिनियुक्ति पर है। केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, क्षेत्रीय विधायक व मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, जिला प्रमुख पुनाराम चौधरी के आतिथ्य में शुक्रवार को आऊ सीएचसी का लोकार्पण किया जाएगा। हैरानी की बात है कि अभी इसके मुख्य द्वार के बाहर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का ही बोर्ड लगा हुआ है। लोकार्पण की पूर्व संध्या गुरुवार शाम तक इसे बदला नहीं गया है।

यहां से आते हैं मरीजकस्बे में संचालित होने वाली सीएचसी में आऊ, देणोक, ईन्दों का बास, बरसिगों का बास, सुवाप, ईशरू, समाधी, कड़वा, भादा, मोटोई,रणीसर, पडियाल, बरजासर, चिमाणा, चाखु, लुणा सहित आस-पास के दो दर्जन से अधिक गांवों के मरीज इलाज के लिए यहां आते हैं, लेकिन चिकित्सकों की कमी के कारण कई बार उन्हें निराश ही लौटना पड़ता है। गंभीर मरीज तो जोधपुर या फलोदी ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।
ग्रामीणों ने कई बार की शिकायतें

ग्रामीणों ने चिकित्सालय में रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर मंत्री जनसुनवाई, लोक जनसुनवाई के अतिरिक्त चिकित्सा मंत्री को ज्ञापन भी भेजा ओर युवाओं ने सीएचसी के आगे रोष भी जताया, लेकिन हुआ कुछ नहीं। निप्र.

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चिकित्सालय में मैं एक मात्र चिकित्सक कार्यरत हूं। वो भी एक साल से अधिक समय से प्रतिनियुक्ति पर। मैंने सभी विभागीय अधिकारियों को बता दिया कि यहां वरिष्ठ चिकित्सक के छह पद स्वीकृत हैं और लगाया एक भी नहीं। पद रिक्तता से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हरिप्रसाद चौरसिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सीएचसी आऊ।

हां, आऊ सीएचसी में चिकित्सकों के पद रिक्त हैं। इसके लिए मैं जल्द ही रिक्त पदों को भरवाने की व्यवस्था करवाता हूं।

डॉ. सुनिल कुमार बिष्ट, सीएमएचओ जोधपुर।