यहां से आते हैं मरीजकस्बे में संचालित होने वाली सीएचसी में आऊ, देणोक, ईन्दों का बास, बरसिगों का बास, सुवाप, ईशरू, समाधी, कड़वा, भादा, मोटोई,रणीसर, पडियाल, बरजासर, चिमाणा, चाखु, लुणा सहित आस-पास के दो दर्जन से अधिक गांवों के मरीज इलाज के लिए यहां आते हैं, लेकिन चिकित्सकों की कमी के कारण कई बार उन्हें निराश ही लौटना पड़ता है। गंभीर मरीज तो जोधपुर या फलोदी ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।
ग्रामीणों ने कई बार की शिकायतें