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आसाराम- बाेला झूठे आरोप का बोझ सहन कर रहा हूं, सिरदर्द से परेशान हूं आैर सब सब ठीक है

कोर्ट मे आते समय आसाराम ने कहा कि सिरदर्द से परेशान हूं। सिर में अक्सर दर्द रहता है आैर सब सब ठीक है।
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जोधपुर

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Santosh Trivedi

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Updated: 26 Sep 2017, 12:42 PM IST

Asaram

Asaram on list of saints issued by akhada parishad

जाुधपुर। नाबालिग से यौन शोषण के आरोप में जंल में बंद आसाराम मामले में बचाव पक्ष के गवाह के बयान और जिरह पूरी कर ली गई है। मामले की अगली सुनवाई 9-10 अक्टूबर को हाेगी। कोर्ट मे आते समय आसाराम ने कहा कि सिरदर्द से परेशान हूं। सिर में अक्सर दर्द रहता है आैर सब सब ठीक है। अपनी जमानत पर उन्हाेंने कहा कि अब तो एक-दो गवाह ही बचे हैं। कभी हड़ताल तो कभी गवाहों के नहीं आने से मामला खिंच रहा है।

आसाराम ने कहा कि झूठे आरोप का बोझ सहन कर रहा हूं। इससे पहले हाल ही में आसाराम ने खुद काे GADHA बताया था। जैसे ही आसाराम पुलिस वैन से न्यायालय परिसर मे उतरा मीडियाकर्मी ने पूछा कि वे संतों की श्रेणी में है या कथा वाचकों की श्रेणी में। इस पर आसाराम ने जवाब दिया कि गधों की श्रेणी में अाता हूं। नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीडऩ मामले में चार साल से न्यायिक हिरासत में रहते जेल व अदालतों के चक्कर काट रहे आसाराम को फिलहाल कहीं भी राहत दिखाई नहीं दे रही।

आसाराम की ओर से बुधवार को हाईकोर्ट में दायर विविध अपराधिक याचिका की सुनवाई एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी गई। निचली अदालत में बचाव पक्ष के अंग्रेज सिंह की गवाही तो हो चुकी, लेकिन उससे जिरह बाकी है। हाईकोर्ट में आसाराम के अधिवक्ता एनके बोहरा व गोकुलेश बोहरा की ओर से सीआरपीसी की धारा 482 के तहत विविध अपराधिक याचिका दायर की हुई है। इसमें पिछली सुनवाई में नोटिस जारी कर दिए गए थे, लेकिन इसमें सरकार की ओर से जवाब आना है। याचिका निचली अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से दायर उस मामले को चुनौती देते हुए दायर की गई थी। जिसमें आईटी एक्ट की धराओं 353, 355, 384, 117, 189 व 120 बी व 66 ए आईटी एक्ट के तहत दायर किया गया था। महानगर मजिस्ट्रेट ने आईटी एक्ट के तहत दायर धाराओं को निरस्त कर शेष धाराओं के तहत मामले की सुनवाई जारी रखने के आदेश दिए थे। इसी को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।