
jodhpur farmers cheated in buying groundnut for support price
फसल के अच्छे दाम मिल सके, इसके लिए भले ही मंगूफली की समर्थन मूल्य पर खरीद शुरू कर दी हो, लेकिन किसानों की परेशानी बढ़ रही है। शुरुआती प्रक्रिया में ही किसान आजिज आने लगे हैं। खरीद केन्द्र पर मूंगफली की खरीद प्रक्रिया के प्रावधानों से हटकर अघोषित नियमों का हवाला देकर किसानों को परेशान किया जा रहा है। जोधपुर में आठ केन्द्रों पर समर्थन मूल्य पर मूंगफली खरीदी जा रही है।
नहीं खरीद रहे 25 क्विंटल से ज्यादा
एक दिन में एक किसान से 25 क्विंटल फसल खरीद का राइडर तय किया गया है। इस हिसाब से एक किसान एक दिन में 25 क्विंटल के बाद वह अन्य दिनों में इस सीमा तक बेचान कर सकता है। इससे उलट खरीद केन्द्र पर एक बार में केवल 25 क्विंटल मूंगफली ही खरीदी जा रही है। दुबारा व अन्य दिनों में उससे उपज नहीं खरीदी जा रही है। ऐसे में किसान 25 क्विंटल के बाद शेष फसल बाजार में कम दामों में बेचने को मजबूर हैं।
प्रावधान से हटकर छिलके के रंग को प्राथमिकता
समर्थन मूल्य योजनान्तर्गत मूंगफली की गुणवत्ता व अन्य मानदंड तय किए गए हैं। इसके अनुसार मूंगफली की क्वालिटी में 70 प्रतिशत दाना व 8 प्रतिशत से कम नमी का प्रावधान है। जोधपुर संभाग में पैदा हो रही मूंगफली में 72 से 75 प्रतिशत दाना होता है। इसके उलट, खरीद प्रभारी मिट्टी के अलग-अलग प्रकार में मूंगफली के छिलके के रंग को प्राथमिकता देकर मूंगफली खरीदने से मना कर रहे हैं। प्रावधानों में कहीं पर भी छिलके के आधार पर खरीद का उल्लेख नहीं है। उदाहरण के तौर पर सफेद मिट्टी में पैदा होने वाली मूंगफली के छिलके का रंग सफेद और मटमैली मिट्टी में उत्पादित होने वाली मूंगफली के छिलके का रंग काला-मटमैला होता है। दाने की गुणवत्ता में फर्क नहीं होता है।
मूंगफली (छिलका सहित) गुणवत्ता मापदण्ड
निर्धारित विशेष मानक (एफएक्यू)--- बोल्ड (एफएक्यू)----- गिन्नी (एफएक्यू)
विजातीय तत्व---------- 2 प्रतिशत---------- 2 प्रतिशत
सिकुड़े अधपके दाने----------- 4 प्रतिशत----------- 4 प्रतिशत
क्षतिग्रस्त दाने------------- 2 प्रतिशत----------- 2 प्रतिशत
अन्य किस्म के दाने-------- 4 प्रतिशत----------- 4 प्रतिशत
कनरल/पोडस-------- 65 एवं अधिक--- --- 70 एवं अधिक
नमी------- 8 प्रतिशत-------- 8 प्रतिशत
आनाकानी बर्दाश्त नहीं
जोधपुर में उत्पादित मूंगफली की गुणवत्ता सरकार द्वारा खरीद के नॉम्र्स से कई बेहतर है। नियमों से परे छिलकों के रंग के आधार पर खरीद में आनाकानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जयपुर में खरीद प्रभारी एजेन्सी के जनरल मैनेजर से शिकायत करेंगे। -नरेश व्यास, जिलाध्यक्ष, भारतीय किसान संघ, जोधपुर
Published on:
15 Nov 2017, 4:54 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.