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जोधपुर पुलिस को मिला अत्याधुनिक ड्रोन, अब नेत्र वी-2 रखेगा गड़बड़ी करने वालों पर नजर

वारदात के बाद फरार अपराधी का वाहन ट्रेस करने में भी होगा सहायक  
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जोधपुर

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Vikas Choudhary

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Updated: 16 Nov 2017, 2:56 PM IST

Jodhpur will be under surveillance of advanced netra v-2 drone

Jodhpur will be under surveillance of advanced netra v-2 drone

जोधपुर शहर में यदि कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ती है, किसी आंदोलन या विरोध प्रदर्शन में बड़ी तादाद में आमजन शामिल होते हैं तो उन पर नजर रखना पुलिस के लिए अब आसान हो गया है। इसके अलावा संवेदनशील व अति संवेदनशील मोहल्लों पर खुफिया नजर रखना भी मुश्किल नहीं होगा, क्योंकि पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी रेंज मुख्यालयों को एक अत्याधुनिक ड्रोन मुहैया करवाया है,जिसके माध्यम से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी और संवेदनशील व अति संवेदनशील क्षेत्रों वाले मकानों पर नजर रखी जा सकेगी। तीस लाख रुपये लागत वाले ड्रोन से चार सौ मीटर ऊंचाई और चार किमी परिधि में हर संदिग्ध व्यक्ति व गतिविधि कैमरे में कैद किए जा सकेंगे। जोधपुर रेंज व पुलिस कमिश्नरेट जोधपुर के बीच एकमात्र ड्रोन उपलब्ध करवाया गया है।

संवेदनशील क्षेत्रों की रैकी भी संभव


नेत्रवी-2 नामक इस ड्रोन की क्षमता चार सौ मीटर ऊंचाई और चार किमी परिधि तक की है। इसमें एक कैमरा भी लगा है, जो आवश्यकता के हिसाब से वीडियो व फोटो ले सकेगा। ड्रोन में दस से बारह जीपीएस लगे हुए हैं, जो इसकी सटीक लोकेशन भी बताता है। ड्रोन का पायलट यानि संचालक कम्युनिकेशन सेंटर में कम्प्यूटर से परिस्थिति के अनुसार ऑपरेट कर के ड्रोन नीचे तक ला कर वीडियो रिकॉर्डिंग कर सकता है। इससे संवेदनशील क्षेत्रों के मकानों की रैकी भी की जा सकेगी।

पायलट और को-पायलट करेंगे ऑपरेट


ड्रोन संचालन के लिए पुलिस मुख्यालय ने बाकायदा हर रेंज मुख्यालय से दो कांस्टेबलों को प्रशिक्षण दिया है। जोधपुर से कांस्टेबल राजेश मीणा को बतौर पायलट और कंवराजदान को सह-पायलट का प्रशिक्षण दिया गया है। सह-पायलट ड्रोन उड़ाने व नीचे उतारने का काम करता है। जबकि पायलट कम्प्यूटर पर उसकी उड़ान पर नजर रखने का कार्य करेगा।

इन खासियत वाला है ड्रोन


- नेत्र वी-2 नामक ड्रोन की बैटरी चालीस मिनट तक उड़ान भर सकती है।

- बैटरी खत्म होने से चार मिनट पहले यदि ड्रोन उसी स्थान पर स्वत: लौट आता है, जहां से उसने उड़ान भरी थी।
- निर्धारित क्षमता से अधिक हवा या आंधी चलने पर भी ड्रोन स्वत: ही उड़ान भरने वाले स्थल तक लौट आता है।

- भीड़भाड़ वाले स्थान का सामान्य कैमरे से फोटो लेने पर सामने वाले व्यक्ति ही नजर आएंगे। ड्रोन से हर व्यक्ति की हरकत कैमरे में कैद हो सकेगी।
- यदि कोई क्षेत्र बाढग़्रस्त है और पानी या नदी में फंसे लोगों की संख्या का पता लगाना है तो ऐसी स्थिति में ड्रोन उपयोगी साबित होगा।

- संवेदनशील व अति संवेदनशील क्षेत्रों वाले मकानों की खुफिया तरीके से रैकी भी की जा सकेगी।

उच्च तकनीक का ड्रोन मिला है

'पुलिस मुख्यालय से उच्च तकनीक का ड्रोन मिला है, जो चार सौ मीटर ऊंचाई व चार किमी परिधि में वीडियो व फोटो ला सकता है। यह कानून-व्यवस्था बिगडऩे, भीड़भाड़ व संवेदनशील क्षेत्रों की रैकी करने में सहायक साबित होगा।' -भुवनभूषण यादव, पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय व यातायात) जोधपुर