
बासनी(जोधपुर). शीर्षक पढ़कर आप जरूर चौंक गए होंगे, लेकिन वर्तमान में ऐसा ही प्रतीत हो रहा है। वाहनों को निर्धारित स्थान पर खड़ा करने के लिए बनाए गए नियमों की पालना करवाने से प्रशासन कोसों दूर है। हालात यह है कि मरीज के परिजन हो या कर्मचारी जिसको जहां जगह मिलती है मनमाने ढंग से अपने वाहन पार्क कर रहा है। मजाल है कि कोई सुरक्षाकर्मी उन्हें ऐसा करने से रोक टोक दे। रसूख के आगे सभी सिर झुकाए ही नजर आते हैं। मथुरादास माथुर अस्पताल में जितने वाहन पार्किंग में खड़े नहीं होते, उतने वाहन तो नो पार्किंग जोन में खड़े किए हुए मिल जाते हैं।
पार्किंग शुल्क बचाने का लालच
ऐसा भी नहीं है कि अस्पताल में मनमाने ढंग से पार्क होने वाले वाहनों को प्रशासन की ओर से शह दी जा रही हो, लेकिन यह भी सच है कि अस्पताल में आने वाले वाहनों को पार्किंग शुल्क से बचाने के लिए नो पार्किंग जोन में खड़ा किया जाता है। ऐसे में वाहन चालकों का चंद रुपए बचाने का लालच कभी महंगा भी पड़ सकता है।
चोर उठा रहे फायदा
अस्पताल परिसर में नो-पार्किंग जोन में खड़े होने वाले वाहनों पर सुरक्षाकर्मियों की नजर रहे न रहे, लेकिन चोरों की नजर पूरी रहती है। इसी का ही परिणाम है कि अस्पताल से आए दिन नो पार्किंग में खड़े किए जाने वाले वाहन चोरी हो रहे हैं। लगातार हो रही चोरियों के बाद भी वाहन चालकों में जागरुकता का अभाव है। इसी का नतीजा है कि शुक्रवार को भी एक चिकित्सक का वाहन अस्पताल परिसर से चोरी हो गया।
कर्मचारी भी तोड़ रहे नियम
अस्पताल में मनचाहे जगहों पर वाहन खड़ा करने में अस्पताल के कर्मचारी भी पीछे नहीं है। कर्मचारियों के लिए नि:शुल्क पार्किंग स्टैंड बनाए जाने के बाद भी कर्मचारियों की ओर से अस्पताल में जहां जगह मिलती है, वहीं वाहन को पार्क कर दिया जाता है। फिर चाहे न्यू जनाना विंग के इमरजेंसी विभाग के समीप हो या अस्पताल के अन्य महत्वपूर्ण विभाग। सभी जगह वाहनों को नियम कायदों से परे नो पार्किंग में खड़ा किया जा रहा है।
Published on:
7 Jan 2018, 1:55 AM IST
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