जोधपुर . राज्य सरकार की ओर से नामांकन का लक्ष्य देने के बावजूद कई सरकारी स्कूल विद्यार्थियों को विद्यालय तक लाने में पिछड़ गए। इन सरकारी स्कूलों में राज्य सरकार शिक्षकों पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। इसके बावजूद यहां नाम मात्र का नामांकन है। कई स्कूलों में तो पूरे १५ बच्चे भी नहीं हैं। एेसे में राज्य सरकार की प्रारंभिक शिक्षा पर एक बार फिर से सवाल खड़े हो गए हैं। जोधपुर संभाग के ६ जिलों में कक्षा १ से ५ , कक्षा १ से ८ के ६०५ विद्यालय एेसे हैं, जहां ० से ३० बच्चे ही नामांकित हैं। पूर्व में भी सरकार ने एेसे स्कूल मर्ज किए थे, इनमें अधिशेष शिक्षकों को अन्यत्र स्कूलों में काउंसलिंग के जरिये पदस्थापित किया गया था।दूसरी ओर संभाग में २११ राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय एेसे हैं, जहां ६ से ८ की कक्षाओं में १५ बच्चे ही अध्ययनरत हैं। जोधपुर जिले के २३८ स्कूलों में न्यूनतम नामांकन है।