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रेलवे बोर्ड ने जोधपुर मंडल के लिए मंजूर किए 55 इलेक्ट्रिक इंजन

डीजल की किल्लत के बीच अब रेलवे ने महानगरों की तर्ज पर राजस्थान के मारवाड़ में भी इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन की तैयारी शुरू कर दी है।
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जोधपुर

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Rakesh Mishra

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Updated: 23 Sep 2023, 10:47 AM IST

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फलोदी। डीजल की किल्लत के बीच अब रेलवे ने महानगरों की तर्ज पर राजस्थान के मारवाड़ में भी इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन की तैयारी शुरू कर दी है। जिसके चलते रेलवे बोर्ड ने जोधपुर मंडल को 55 इलेक्ट्रिक इंजन भी स्वीकृत किए है, जिसमें से 38 इलेक्ट्रिक इंजन जोधपुर रेलवे मंडल को सुपुर्द भी हो चुके हैं। ऐसे में उम्मीद है कि नववर्ष के आगाज के साथ ही फलोदी, जैसलमेर, बाड़मेर व बालोतरा जिलों से भी इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन शुरू हो जायेगा, जिससे यहां के बाशिंदों को सफर करने का नया अनुभव भी मिलेगा। इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन से फलोदी व जैसलमेर के पर्यटन व्यवसाय में इजाफा होगा। गौरतलब है कि रेलवे बोर्ड ने उत्तर-पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन के लिए 55 इलेक्ट्रिक इंजन आवंटित किए हैं। डीआरएम पंकज कुमार सिंह ने बताया कि जोधपुर मंडल पर तेजी से करवाए जा विद्युतीकरण कार्यों को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों के संचालन के लिए इलेक्ट्रिक लोको आवंटित किए हैं।

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35 इंजनों से शुरू किया ट्रेनों का संचालन
गौरतलब है कि भगत की कोठी डीजल शेड को मिले अब तक मिले 38 इलेक्ट्रिक इंजन में से 35 इंजन को ट्रेनों के संचालन में काम में लेना शुरू किया जा चुका है और तीन इंजन इसके लिए प्रक्रियाधीन हैं। डीआरएम ने बताया कि जोधपुर मंडल को मिले इलेक्ट्रॉनिक इंजन का रखरखाव भगत की कोठी डीजल शेड में ही किया जा रहा है। इनके रिपेयर और आवश्यक रखरखाव के लिए डीजल शेड के कर्मचारियों को बड़ोदरा में प्रशिक्षण दिलाया गया है। भगत की कोठी डीजल शेड में मुख्यत: पटियाला लोकोमेटिव यूनिट, वाराणसी लोकोमोटिव यूनिट, चितरंजन लोकोमोटिव यूनिट से इलेक्ट्रिक इंजन की आपूर्ति हो रही है।

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दिसम्बर तक विद्युतीकरण होगा पूरा
गौरतलब यह है भी है कि जोधपुर मंडल पर दिसंबर 2023 तक संपूर्ण विद्युतीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया जा चुका है। अब तक कुल 1626 किलोमीटर में से 1053 किलोमीटर रेल मार्ग का विद्युतीकरण किया जा चुका है और शेष मार्गों का कार्य प्रगति पर है। जोधपुर मंडल को आवंटित किए गए कुल 55 लोकोमोटिव में से गाजियाबाद इलेक्ट्रिक लोको शेड से 10, कानपुर इलेक्ट्रिक लोको शेड से 1 और काजीपेट इलेक्ट्रिक लोको शेड से 2 लोकोमोटिव भगत की कोठी स्थानांतरित किए गए हैं। शेष 42 लोकोमोटिव नए हैं। ये इंजन मुख्यत: पटियाला, वाराणसी व चिरंजन लोकोमोटिव उत्पादन इकाइयों से प्राप्त हो रहे हैं।