एसओजी सूत्रों के मुताबिक वर्षा बिश्नोई के पकड़े गए रिश्तेदार व अन्य परिचितों से पूछताछ में सामने आया था कि वह कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थी बनी थी। डमी अभ्यर्थी बनकर परीक्षा देने पर उसे मोटी रकम मिलती थी। एसओजी के मुताबिक उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर दूसरे व तीसरे दिन लीक हुआ, लेकिन वर्षों पहले दिन हुई परीक्षा में भी बिना पेपर देखे पास हुई। जबकि दूसरे व तीसरे दिन की परीक्षा उसने लीक पेपर देखकर दी।