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MODI–ग्रह नक्षत्र भी मोदी व भाजपा के पक्ष में

- नरेन्द्र मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के योग - सत्ता पक्ष के योगायोग प्रबल
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जोधपुर

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Amit Dave

•

Updated: 3 Jun 2024, 10:14 PM IST

जोधपुर।

लोकसभा चुनाव का अंतिम चरण शनिवार को संपन्न होने के साथ सभी प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो चुका है। लोगों में तरह-तरह की जिज्ञासा है एग्जिट पोल,ज्योतिषीय भविष्यवाणीया आदि कई कयास लगाए जा रहे है कि इस बार सत्ता का सेहरा किसके सिर सजेगा। भाजपा या फिर कांग्रेस। शहर के प्रमुख ज्योतिषियों के अनुसार ग्रह नक्षत्र बता रहे हैं कि इस बार भी पलड़ा भाजपा व उसके सहयोगी दलों का भारी रहेगा।

पद पर आसीन रहने के योग

किला रोड महादेव अमरनाथ के पंडित कमलेश कुमार दवे के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुंडली में 24 मार्च 2023 से 6 जून 2022 तक मंगल में शनि होने से तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के योग बन रहे हैं। मंगल लग्नेश होकर भाग्य से संबंध कर लग्न में विराजमान है। दशानुसार लग्नेश का त्रिकोण का संबंध केंद्र में होने से मंगल की दशा में विजय व शनि का अंतर पूर्ण बहुमत दिलाएगा। शनि राज्य स्थान में बैठकर अपने स्थान की वृद्धि अर्थात पद पर आसीन रखने में भूमिका निभाएगा। शनि चतुर्थ स्थान को पूर्ण दृष्टि से देखने से प्रसिद्धि योग अर्थात वापस पूर्ण बहुमत से जीत हासिल करने के योग बना रहा हैं ।

गोचर पक्ष में, वर्चस्व का योग, पराक्रम से बहुमत

दवे ने बताया कि गोचर में 1 जून को 3:37 बजे मंगल मेष राशि में प्रवेश किया है, जो प्रधानमंत्री के छठे स्थान में आने से शत्रु परास्त होंगे । गुरु वृषभ का सप्तम में चल रहा है, यह लगन को पूर्ण दृष्टि से देखने पर अपना वर्चस्व कायम रखना का योग बना रहा है तथा तीसरे स्थान को देखने से अपने पराक्रम से पूर्ण बहुमत से विजय दिलाने के योग भी बन रहा है। इस आकलन के अनुसार नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने व भाजपा के एक बार फिर सरकार सत्ता में आने के पूर्ण योग बन रहे हैं।

ग्रह सत्ता पक्ष के लिए बलवान

पं रमेश भोजराज द्विवेदी के अनुसार 4 जून को चंद्रमा मेष राशि में मंगल के साथ में रहेंगे। निश्चित रूप से यह योगायोग सत्ता पक्ष के लिए बलवान है। जहां मंगल, शनि और एक शुक्र स्वग्रही है । इन तीन स्व ग्रहीग्रहो के कारण इस बार चुनाव का परिणाम बहुत ही चमत्कारिक रूप से रहने वाला है, इसमें कोई संशय और दो राय नहीं है । जो सत्ता पक्ष के लिए शुभ संकेत दे रहे हैं । जिसमें भाजपा का पलड़ा भारी रहेगा। इस आकलन के अनुसार भी कहा जा सकता है कि इस बार भी नरेन्द्र मोदी व भाजपा का पलड़ा भारी रहेगा ।

कुंडली मे राजयोग में बड़ी सफलता के योग

दवे ने बताया कि 17 सितंबर 1950 को दोपहर के समय वाडनगर, मेहसाणा गुजरात में जन्मे प्रधानमंत्री मोदी की जन्म कुंडली वृश्चिक लग्न की है, जिसमें बन रहा चंद्रमा और मंगल का राजयोग उनको पिछले दो दशकों से पहले गुजरात और अब केंद्र की राजनीति में बड़ी सफलताएं देता आ रहा है। मोदी की कुंडली में चंद्रमा से केंद्र में गुरु के होने से गजकेसरी योग तथा पंचम भाव में बैठे राहु पर दशमेश सूर्य की दृष्टि से बन रहा राजयोग भी बड़ी सफलता दिलाने का योग है।

राहुल की सत्ता की राह आसान नहीं

पं द्विवेदी के अनुसार ज्येष्ठा नक्षत्र और मिथुन लग्न में जन्मे राहुल गांधी के लिए योग इतना प्रबल नहीं है। राहुल गांधी के लिए सत्ता की राह आसान नहीं है, स्थितियां चुनौतीपूर्ण रहेंगी। राहुल की कुंडली में चंद्रमा नीच का है, इससे भाग्य व पराक्रम दोनों की हानि हो रही है। बुध बारहवें भाव में होने से वाणी में दोष बार-बार उत्पन्न करता है। राहुल की जन्म कुंडली में शनि नीच का है, जो उनके राजयोग को नष्ट-भ्रष्ट कर रहा है।