
Rajput community against release of film padmawati in Jodhpur
निर्माता निर्देशक संजय लीला भंसाली की फि ल्म पद्मावती को लेकर समूचे मारवाड़ राजपूत समाज के लोगों में आक्रोश है। फिल्म की रिलीज रोकने की मांग को लेकर बुधवार सुबह 11 बजे मारवाड़ राजपूत सभा के तत्वावधान में छत्तीस कौम सर्वसमाज के सामाजिक व सांस्कृतिक अग्रिम संगठन जिला कलक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। मारवाड़ राजपूत सभा की अगुवाई में छत्तीस कौम सर्वसमाज के विभिन्न सामाजिक व सांस्कृतिक अग्रिम संगठनों, राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना, राजपूत करणी सेना के सदस्य मारवाड़ राजपूत सभा भवन पावटा बी रोड से पैदल मार्च के रूप में जिला कलक्टर कार्यालय पहुंचे।
इससे पहले मंगलवार शाम को जोधपुर के पावटा बी रोड स्थित मारवाड़ राजपूत सभा भवन में विभिन्न सामाजिक व सांस्कृतिक अग्रिम संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारियों व सदस्यों की बैठक में फिल्म का विरोध करने का निर्णय लिया गया। बैठक में मारवाड़ राजूपत सभा के महासचिव केवी सिंह चांदरख, मारवाड़ राजपूत सभा उपाध्यक्ष अजीतसिंह पीलवा, राज्यसभा के पूर्व सदस्य नारायणसिंह माणकलाव, चक्रवर्तीसिंह जोजावर, कार्यकारिणी सदस्य लादूसिंह बींजवाडिय़ा, राजेंद्रसिंह सजाड़ा, राजपूत करणी सेना के संभाग अध्यक्ष मानसिंह मेड़तिया, जिलाध्यक्ष विजयसिंह सूथला, पर्यावरण शहर जिलाध्यक्ष नरेश गौड़ व अजीतपालसिंह मेड़तिया आदि उपस्थित थे।
फिल्म नारी अस्मिता पर हमला
बैठक में मारवाड़ राजपूत सभा अध्यक्ष एवं सर्व समाज संयोजक हनुमानसिंह खांगटा नें बताया कि राजस्थान के वीरों ने शीशदान देकर व महिलाओं ने जौहर करके राजस्थान ही नहीं बल्कि समूचे राष्ट्र के इतिहास को गौरवान्वित किया है, ऐसे इतिहास को चलचित्रों व फि ल्मों के माध्यम से बिगाडऩे का प्रयास घोर निंदनीय कृत्य है। रानी पद्मावती भारत का गौरव है इसका विदेशी आक्रांता के साथ फिल्म में प्रेम प्रसंग दिखाना इतिहास के तथ्यों के विरुद्ध है एवं नारी अस्मिता पर हमला है। यह समस्त क्षत्रिय जाति एवं सनातन धर्म की अस्मिता का प्रश्न है।
आपको बता दें कि फिल्म को लेकर राजस्थान में लगातार राजपूत व अन्य हिंदू संगठनों की ओर से विरोध दर्ज कराया जा चुका है। फिल्म को लेकर राजस्थान के साथ ही अन्य प्रदेशों में भी बगावत के हल्के स्वर मुखर हुए हैं।
Published on:
15 Nov 2017, 1:54 PM IST
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