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water crisis : 30 दिन में एक बार आता है पानी, इंसान के साथ मवेशी भी रह जाते हैं प्यासे

water crisis : इंदिरा गांधी नहर में क्लोजर से पहले ही कई कॉलोनियों में पानी का संकट खड़ा हो गया है। अभी गर्मी की सीजन शुरू नहीं हुआ है, लेकिन लोग अभी से पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
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water crisis : 30 दिन में एक बार पानी आता है। जब आता है तो सप्लाई दो से तीन दिन तक लगातार चलती रहती है, लेकिन क्या काम की। जितना जरूरत होता है, उतना पानी भर लेते हैं। अब एक महीने का स्टॉक तो कर नहीं सकते। ऐसे में पांच-छह दिन बाद फिर से टैंकर मंगवाने ही पड़ते हैं। यह व्यथा है जोधपुर शहर के झालामंड क्षेत्र व आस-पास की कॉलोनियों की।

क्लोजर से पहले पानी का संकट
इंदिरा गांधी नहर में क्लोजर से पहले ही कई कॉलोनियों में पानी का संकट खड़ा हो गया है। अभी गर्मी की सीजन शुरू नहीं हुआ है, लेकिन लोग अभी से पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पत्रिका की टीम झालामंड क्षेत्र की कॉलोनियों में हकीकत जांचने पहुंची। यहां राजेंद्र नगर, शंकर नगर, गांधीनगर, मिल्लत नगर, आदर्श कॉलोनी के लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। यहां लोगों ने बताया कि महीने में एक बार पानी की सप्लाई होती है। टैंकर वाले 500 रुपए से लेकर 1000 रुपए लेते हैं।

खोखरिया ग्राम पंचायत में भी समस्या
बता दें कि मंगलवार को ही खोखरिया ग्राम पंचायत की कॉलोनियों में पानी की समस्या से जूझ रहे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी कलक्ट्रेट पहुंचे और पानी की टंकी बनी होने के बावजूद सप्लाई नहीं होने का आरोप लगाया। लोगों ने बताया कि तीन साल से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। सरपंच पुष्पा देवी ने बताया कि हमारे क्षेत्र में उच्च जलाशय बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद सप्लाई ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं हो रही।

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क्षेत्र में बालाजी नगर, मदन मोहन विहार, तिरुपति नगर, महादेव नगर, बसंत विहार, महावीर नगर और इंद्रप्रस्थ नगर जैसी कॉलोनियों में पांच हजार की आबादी पानी के लिए संघर्ष कर रही है। इनमें से अधिकांश परिवारों ने मवेशी भी पाल रखे हैं। ऐसे में एक महीने में 10 टैंकर पानी की खपत तक हो जाती है। एक महीने में पांच से छह हजार तक का खर्च सिर्फ पानी पर करना पड़ता है। लोगों ने रोष जताते हुए कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं।

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