5 नवंबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

16 सौ रुपए प्रति विषय के लालच में फर्जी अभ्यर्थी बनीं महिला

- कोटा खुला विवि की ओर से आयोजित बीए प्रथम परीक्षा में बतौर फर्जी परीक्षार्थी महिला गिरफ्तार- पांच हजार रुपए अग्रिम लिए, पांच परीक्षाएं दी, छठी परीक्षा में पकड़ में आई
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जोधपुर

•

image

Vikas Choudhary

•

Updated: 2 Sep 2023, 12:52 AM IST

16 सौ रुपए प्रति विषय के लालच में फर्जी अभ्यर्थी बनीं महिला

16 सौ रुपए प्रति विषय के लालच में फर्जी अभ्यर्थी बनीं महिला

जोधपुर।
प्रतापनगर थाना पुलिस ने बस स्टैण्ड के पास महिला पीजी महाविद्यालय में कोट खुला विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा में मूल अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दे रही एक महिला को गिरफ्तार किया। वह 16 सौ रुपए प्रति विषय के लालच में आकर परीक्षा दे रही थी और पांच परीक्षा दे चुकी थी। (Fake lady candidate caught)
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) गौरव यादव ने बताया कि कोटा खुला विश्वविद्यालय की ओर से बीए प्रथम वर्ष की परीक्षा ली जा रही है। इसी के तहत, महिला पीजी महाविद्यालय में एक महिला अभ्यर्थी के फर्जी परीक्षार्थी के रूप में परीक्षा देने की सूचना मिली। परीक्षा वीक्षक ने जांच करवाई तो एक कमरे में परीक्षार्थी निरमा बिश्नोई के दस्तावेज जांच गए। परीक्षा देते मिली अभ्यर्थी के प्रवेश पत्र से फोटो का मिलान नहीं हो पाया। मूलत: सुरपुरा हाल मटोल चक गांव निवासी निरमा पुत्री जगदीशराम बिश्नोई की जगह रामा बिश्नोई परीक्षा देते पाई गई। पुलिस भी मौके पर पहुंची और रामा को हिरासत में लेकर थाने लाई।
एएसआइ श्रीराम ने बताया कि परीक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर फलोदी जिले में बाप थानान्तर्गत श्रीराम पुरा निवासी रामा पत्नी शंकरलाल बिश्नोई को गिरफ्तार किया गया। जबकि मूल अभ्यर्थी निरमा पकड़ में नहीं आई है। जिसकी तलाश की जा रही है।
पांच विषय की परीक्षा दी, छठी परीक्षा में पकड़ी गई
पुलिस का कहना है कि निरमा व रामा शादीशुदा हैं। निरमा का पीहर सुरपुरा में है। रामा 16 सौ रुपए प्रति विषय की परीक्षा के बदले फर्जी परीक्षार्थी बनकर परीक्षा देने पहुंची थी। उसे पांच हजार रुपए अग्रिम दिए गए थे। शेष 46 सौ रुपए परीक्षा के बाद दिए जाने थे। वह पांच परीक्षाएं दे चुकी थी। अंतिम पेपर यानि इतिहास विषय की छठी परीक्षा में वह चकमा नहीं दे पाई और पकड़ी गई।