
स्कूली छात्रों का माह में दो बार होगा शैक्षिक परीक्षण, दिया निर्देश
कांकेर. छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में कलक्टर के निर्देशन में जिला शिक्षा अधिकारी टीआर साहू की अध्यक्षता एवं जिला मिशन समन्वयक आनंद गुप्ता की उपस्थिति में जिले के खण्डशिक्षा अधिकारी, सहायक खंडशिक्षा अधिकारी व खंडस्त्रोत समन्वयकों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने शालाओं में गहन निरीक्षण करने तथा निरीक्षण प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से जिला शिक्षा दफ्तर में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कक्षा दसवीं एवं बारहवीं की मूल्यांकन परीक्षा आयोजित करते हुए छात्र-छात्राओं की उत्तर पुस्तिकाओं एवं प्राप्तंाकों की साफ्टवेयर में प्रविष्टी की जांचकर खण्डस्तर तैयार किया जाए। पहली कक्षा से बारहवीं तक के छात्रों का माह में दो बार परीक्षण किया जाए। इसके अलावा जांच परीक्षा की पृथक पंजी संधारित होगी। कमजोर छात्रों को चिन्हंाकित कर पृथक से उपचारात्मक शिक्षण कक्षाओं का संचालन किया जाए। खण्डशिक्षा अधिकारियों को विकासखंड में संचालित शालाओं के निरीक्षण के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिन्हें प्रतिमाह गहन निरीक्षण करने के निर्देश दिए। जिला शिक्षा अधिकारी ने अवगत कराया कि विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रमुखों को शालाओं में निरीक्षण का दायित्व कलक्टर द्वारा सौंपा गया है।
प्रत्येक ब्लॉक में एक-एक प्राथमिक माध्यमिक हाईस्कूल एवं हायर सेकंड्री स्कूल को मॉडल शाला बनाया जाना प्रस्तावित है। जर्जर एवं मरस्मत योग्य शालाओं, शौचालय, कीचन शेड की सूची जिला शिक्षा दफ्तर में अविलम्ब प्रस्तुत करें। कक्षा पंाचवीं से छठवीं, आठवीं से नववीं एवं दसवीं से ग्यारहवीं में प्रवेश लेने वाले बालक-बालिकाओं के संक्रमंण दर की जानकारी भी प्रस्तुत करें।
शालाओं में गुणवत्ता पूर्ण मध्यान्ह भोजन के संचालन का निरीक्षण करें। समस्त खंडशिक्षा अधिकारियों एवं सहायक खंड शिक्षा अधिकारियों एवं खंड स्त्रोत समन्वयकों को निरीक्षण के दौरान शाला में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार शाला में शाला सुरक्षा संबंधी मापदंडों का पालन करने प्रत्येक विद्यालय में पाक्सो बॉक्स एवं शिकायत सुझाव पेटी रखने तथा विद्यालय स्तर पर महिला नोडल अधिकारी नियुक्त करते हुए पालन सुनिश्चित करें। राजीव गांधी शिक्षा मिशन कांकेर को सूचित करें तथा शालाकोश के तकनीकी जिला समन्वयक, नितिन रामटेके को उनके मोबाइल नम्बर 8349440143 पर सूचित कर शिकायत का अविलम्ब निराकरण कराएं।
बिना अनुमति किसी भी कर्मी को अवकाश नहीं
एक ही परिसर में संचालित शालाओं के लिए पूर्व में दिए गए निर्देशानुसार उच्च संस्था के संस्था प्रमुख को सभी कक्षाओं की प्रशासनिक संचालन दायित्व सौंपा गया था आदेश के क्रियान्वयन में कतिपय शिक्षकों द्वारा संस्था प्रमुख को सहयोग नहीं करने की बात ध्यान में लाई गई है ऐसे शिक्षकों का चिन्हांकन कर जिला कार्यालय में सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
विधानसभा निर्वाचन-2018 को ध्यान में रखते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देशानुसार बिना उनकी अनुमति के किसी भी शिक्षक, कर्मचारी को अवकाश स्वीकृत नहीं करेंगे तथा मुख्यालय त्यागने की अनुमति नहीं दिए जाने निर्देश दिए। किसी भी कर्मचारी को अवकाश पर जाने से पहले जिम्मेदार से अनुमति लेनी अनिवार्य है। बिना अनुमति छुट्टी और बाहर जाने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
27 Aug 2018, 8:00 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.