
सीआईएससीर्ई ने पकड़ी ई-बुक्स की राह
कानपुर। काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सार्टिफिकेट एग्जामनेशन (सीआईएससीई) छात्रों की बेहतरी के लिए लगातार नए-नए प्रयोग कर रहा है. सिलेबस में कई अहम बदलाव करने के बाद अब काउंसिल का फोकस ई-बुक्स से पढ़ाई पर है. कंप्यूटर विषय से इसकी शुरुआत करने का प्लान तैयार हो चुका है. कम्प्यूटर की पढ़ाई छात्र ई बुक्स से करेंगे. इससे छात्रों के बस्ते का बोझ भी कम होगा. कोलकाता में होने वाली 61वीं एनुअल कांफ्रेंस में इस अहम मुद्दे पर मोहर लग सकती है.
मिली है ऐसी जानकारी
बीते एक साल में कई फैसले छात्रों के ओवर ऑल डेवलपमेंट के लिए काउंसिल बीते एक साल में कई अहम फैसले ले चुका है. जारी एकेडमिक सेशन से ही कक्षा एक से लेकर 8वीं तक पूरा सिलेबस बदला गया है. वहीं स्पोर्ट्स में कई नए गेम शामिल कर इसका दायरा भी बढ़ाया है. इससे बच्चे एकेडमिक के साथ स्पोर्ट्स को भी करियर विकल्प के रूप में ले सकें.
पूछे गए थे ये सवाल
करीब एक महीने काउंसिल ने देश के सभी स्कूलों के प्रिंसिपल को पत्र भेजकर एक सवाल पूछा था कि आप अपने स्कूल में क्या अलग कर रहे हैं. इसमें देश के 5 स्कूलों के प्राचार्यों के आर्टिकल चुने गए हैं. इन आर्टिकल्स का प्रजेंटेशन कोलकाता में होने वाली 61वीं कांफ्रेंस में प्रिंसिपल देंगे. सब कुछ सही रहा तो इन आर्टिकल्स के बेस को देश के सभी स्कूलों में लागू करने पर सहमति बन सकती है. इन 5 आर्टिकल्स में एक वाराणसी के एक स्कूल के प्राचार्य का भी है.
कोलकाता में बुलाई गई बैठक
काउंसिल की 61वीं नेशनल कांफ्रेंस कोलकाता में 28 से 30 नवंबर के बीच बुलाई गई है. इस कांफ्रेंस में देश के करीब 1600 स्कूलों के प्राचार्य शिरकत करेंगे. मशहूर स्टोरियन राम चन्द्र गुहा भी इसमें शामिल रहेंगे. कांफ्रेंस में एजुकेशन को बिजनेस के तौर पर न लिया जाए, इस थीम पर विचार विमर्श किया जाएगा. इसके अलावा बदले हुए सिलेबस व प्रैक्टिकल समस्या भी स्पेशल सेशन में गंभीरता के साथ विचार विमर्श किया जाएगा.
ऐसा कहते हैं जानकार
इस बारे में एसोसिएशन ऑफ सीआईएससीई स्कूल्स के नेशनल सेके्रटरी के वी विंसेट कहते हैं कि कम्प्यूटर विषय को बुक्सलेस करने का प्लान है. इस अहम मामले पर फैसला कोलकाता में होने वाली एसोसिएशन की 61वीं कांफ्रेंस में किया जाएगा. छात्र लैपटॉप, टैबलेट व स्मार्ट फोन का इस्तेमाल कर कम्प्यूटर की पढ़ार्ई करेंगे. इस दिशा में तैयारी की जा रही है. इससे छात्रों पर किताबों को बोझ कम होगा.
Published on:
22 Nov 2018, 1:58 PM IST
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