
गन्ने से चीनी नहीं एथेनॉल बनाएं, पेट्रोल में मिश्रण के लिए देश को इसकी बड़ी जरूरत
कानपुर। चीनी उत्पादन में भारत दुनिया में पहले नंबर पर पहुंच गया है. केंद्र सरकार ने शुगर मिलों से गन्ने के रस से सीधे एथेनॉल बनाने को कहा है, जिसकी कीमत उन्हें 59.19 रुपए प्रति लीटर मिलेगी. इसके लिए सिर्फ उत्तर प्रदेश में 12 नई डिस्टलरी खुलेंगी, जहां एथेनॉल का उत्पादन किया जाएगा. इस बार देश में करीब 70 लाख मीट्रिक टन ज्यादा शुगर का प्रोडक्शन हुआ है. यह जानकारी ‘चीनी नहीं एथेनॉल बनाओ’ टॉपिक पर आयोजित नेशनल सेमिनार में एनएसआई डायरेक्टर प्रो. नरेन्द्र मोहन अग्रवाल ने दी.
1 अक्टूबर से हो गई है शुरुआत
इस मौके पर प्रो. नरेंद्र मोहन ने बताया कि शुगर मिलों में साल 2018-19 का गन्ना पिराई सेशन 1 अक्तूबर से शुरू हो गया है. केंद्र सरकार ने चीनी मिलों को ब्राजील मॉडल पर फ्लेक्सी फैक्ट्री के कल्चर पर काम करने की सलाह दी है. इसके साथ ही शुगर इंडस्ट्री को शुगर केन से एथेनॉल बनाने को कहा है. इसके लिए सरकार ने करीब 4400 करोड़ का बजट आवंटित करने के साथ देश में 112 डिस्टलरी को भी हरी झंडी मिल गई है. इसमें 40 नई डिस्टलरी शुरू की जा रही है. यूपी में भी 12 नई डिस्टलरी इस सेशन में चालू की जा रही हैं.
बढ़ी है इसकी जरूरत
सेमिनार का उद्घाटन कानपुर जोन एससी शर्मा ने किया. कमिश्नर ने कहा कि देश को इस समय पेट्रोल में मिश्रण के लिए 330 करोड़ लीटर एथेनॉल की जरूरत है. जब इतना एथेनॉल मिलेगा, तो पेट्रोल में 10 पर्सेंट मिक्सिंग की जा सकेगी. अभी देश में करीब 150 करोड़ लीटर एथेनॉल का प्रोडक्शन हो रहा है. शीरे से बनने वाले एथेनॉल की कीमत 43 रुपए 46 पैसे पर लीटर मिलती है.
बताई ऐसी तकनीक
सेमिनार में तमिलनाडु शुगर कॉर्पोरेशन के प्रमुख शुगर टेक्नोलॉजिस्ट मुत्थू वेलापंत ने शुगर इंडस्ट्री को एथेनॉल बनाने वाली न्यू टेक्नोलॉजी का प्रजेंटेशन दिया. एनएसआई के प्रो. स्वेन ने भी इस बारे में विस्तार से जानकारी दी है. उन्होंने ये भी बताया कि आने वाले दिनों में भी एथेनॉल की जरूरत बहुत बढ़ने वाली है.
Updated on:
18 Oct 2018, 2:10 PM IST
Published on:
18 Oct 2018, 2:10 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.