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चंदा वसूलने के नाम पर रैगिंग कर रहे मेडिकल कॉलेज के सीनियर छात्र

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के जेआर ने सीनियर छात्रों और एक शिक्षक पर चंदा वसूली के लिए रैगिंग करने का आरोप लगाया है. छात्र ने यूजीसी के एंटी रैगिंग सेल के साथ स्‍वरूप नगर थाने में इस बाबत शिकायत की है.
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कानपुर

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Alok Pandey

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Updated: 14 Nov 2018, 12:48 PM IST

Kanpur

चंदा वसूलने के नाम पर रैगिंग कर रहे मेडिकल कॉलेज के सीनियर छात्र

कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के जेआर ने सीनियर छात्रों और एक शिक्षक पर चंदा वसूली के लिए रैगिंग करने का आरोप लगाया है. छात्र ने यूजीसी के एंटी रैगिंग सेल के साथ स्‍वरूप नगर थाने में इस बाबत शिकायत की है. हालांकि अभी मामला दर्ज नहीं किया गया है. आपको बता दें कि एक महीने में दूसरी बार किसी छात्र ने इस तरह की शिकायत दर्ज कराई है.

जानकारी के अनुसार
एंटी रैगिंग हेल्‍पलाइन पर शिकायत सोमवार शाम 3.48 बजे की गई. संख्‍या यूपी 4995 के रूप में शिकायत दर्ज करके यूजीसी ने इसकी सूचना मेडिकल कॉलेज प्रशासन को दी. इसके साथ ही छात्र की ओर से पुलिस को भी सूचना दी गई थी, जिससे पुलिस भी हरकत में आई और प्राचार्य से पूरी जानकारी मांगी. आनन-फानन में प्राचार्य प्रो. आरती लाल चंदानी ब्‍वॉयज हॉस्‍टल-5 पहुंचीं और छात्रों से बात की. यहां उन्‍होंने कहा कि एक छात्र ने शिकायत की है. एक प्रोफेसर और एमबीबीएस अंतिम वर्ष के छात्र का नाम लिया गया है, लेकिन वह नाम का खुलासा नहीं करेंगी. उनके मुताबिक शिकायत गलत पाई गई है. किसी सीनिया छात्र या फैकल्‍टी ने रैगिंग या वसूली नहीं की है. पुलिस और यूजीसी को रिपोर्ट भेज दी गई है.

इस बात के लिए मांग रहे चंदा
शिकायतकर्ता छात्र ने वार्षिक सांस्‍कृतिक कार्यक्रम तरंग और खेल के लिए चंदा वसूली का आरोप लगाया है. छात्र ने इस क्रम में अपनी शिकायत में कहा है कि हर छात्र से जबरन चंदा वसूली हो रही है. इंकार करने पर जूनियर छात्रों को रास्‍ते में रोककर बदसलूकी की जाती है.

नहीं हुई कोई बैठक
शिकायत पर एंटी रैगिंग कमेटी की बैठक नहीं हुई और मामले को प्राचार्य ने खुद निपटा दिया. उन्‍होंने खुद ही यूजीसी को रिपोर्ट भी दे दी. इसे लेकर एंटी रैगिंग सेल में शामिल विरष्‍ठ प्रोफेसरों ने नाराजगी जताई है. इस बाबत उनका कहना है कि यह परंपरा सही नहीं है. उधर, प्रो. चंदानी का कहना है कि अज्ञात शिकायत में कुछ निकला नहीं है, इसलिए कमेटी की बैठक की जरूरत नहीं है.