
कानपुर. समाजवादी परिवार में चला आ रहा विवाद 23 सितंबर को नेता जी मुलायम सिंह यादव के दखल के बाद सुलझ गया है। निकाय चुनाव के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष की आगवाई में शिवपाल सिंह यादव पार्टी को जीत दिलाने के लिए अहम भूमिका निभाएंगे। दिवाली के दिन पुरा कुनबा सैफेयी में एक साथ मौजूद रहेगा। दल विधानसभा चुनाव में हार को पीछे छोड़कर निकाय के साथ ही लोकसभा चुनाव की तरफ बढ़ रहा है। संप्रदायिक ताकतों के खिलाफ समाजवादी लोग ही आगे आए हैं और भाजपा को आगे के चुनावों में हम ही हराएंगे। ये बात कानपुर के रहने वाले व सपा प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम ने पत्रिका से फोन पर खास बातचीत के दौरान कही।
शिवपाल पार्टी के साथ
सपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि आगरा में बैठक के दौरान पार्टी की तरफ से प्रदेश के सभी 75 जिलों के संगठन को मजबूती के साथ निकाय चुनाव में उतरने के दिशानिर्देश दिए जा चुके हैं। सपा कार्यकर्ता भाजपा सरकार के झूठ के पुलंदों को जनता तक पहुंचा रहे हैं। समाजवादी पार्टी यूपी के सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद चुनाव जीतने जा रही है। दावेदारों के नामों पर जिलास्तर पर कमेटियां विचार कर रही हैं और जल्द ही योग्य कैंडीडेट्स को टिकट दे दिए जाएंगे। अखिलेश यादव और शिवपाल के बीच मनमुटाव का जवाब देते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि घर में चार बर्तन होते हैं तो आपस में कभी-कभी टकरा जाते हैं। शिवपाल यादव पार्टी के कद्दावर नेता हैं, उनके मार्गदर्शन में हम सब मिलकर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को सत्ता में लाने के लिए एकजुट हो गए हैं।
दिवाली में शिवपाल को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
नरेश उत्तम ने कहा कि नेता जी के अखिलेश और शिवपाल दो हाथ हैं। नेता जी आगरा बैठक में शामिल नहीं हुए, लेकिन उनका आर्शीवाद ओर मार्गदर्शन हमतक पहुंचता रहा। 23 सितंबर को सपा के अंदर चल रहे सारे मतभेद दूर कर लिए गए हैं और दिवाली के दिन शिवपाल यादव के साथ अखिलेश पटाखे फोड़ेंगे। नरेश उत्तम ने खुलकर तो ये नहीं बताया कि पार्टी में शिवपाल का कद क्या होगा, लेकिन इतना जरूर कहा कि जल्द ही उन्हें पार्टी बड़ी जिम्मेदारी देने जा रही है। नरेश उत्तम कहते हैं कि नेता जी ने यूपी में संप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़े तो शिवपाल यादव, रामगोपाल और हम जैसे हजारों कार्यकर्ता पीटे गए, पर हार नहीं मानी। सपा फिर से यूपी में सरकार बनाएगी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पीएम मोदी और सीएम योगी के झूठें वादों की पोल खुल गई है और इसी का नतीजा है कि पंजाब में इन्हें हार उठानी पढ़ी।
गठबंधन पर निर्णय राष्ट्रीय अध्यक्ष लेंगे
प्रदेश अध्यक्ष ने नगर निकाय चुनाव में बसपा और कांग्रेस के साथ गठबंधन पर कहा कि इसका निर्णय हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव लेंगे। अभी हमें अकेले चुनाव में उतरने के निर्देश दिए गए हैं। जिसके चलते दिवाली के दिन कानपुर जोन के सभी सपा संगठन से जुड़े पदाधिकारियों के साथ हम पार्टी कार्यलय में बैठक करने जा रहे हैं। अगर पार्टी अध्यक्ष गठबंधन कर चुनाव में उतरेंगे तो सपाई उसका भी स्वागत करेंगे। नरेश उत्तम की बातों से ये जरूर बात निकल कर सामने आई कि सपा के अंदर गठबंधन को लेकर जरूर चर्चा चल रही है। पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि निकाय चुनाव के दौरान सपा और बसपा के बीच गठबंधन होता है तो इसका फाएदा लोकसभा चुनाव के दौरान हो सकता है।
Published on:
16 Oct 2017 01:31 pm
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