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4 हजार परिवारों पर रिसर्च के बाद जीएसवीएम बताएगा आपको आपकी खुराक

हमारी खाने पीने की आदतों को लेकर आईसीएमआर यानी इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च एक देशव्यापी रिसर्च करेगा.
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कानपुर

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Alok Pandey

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Updated: 28 Jul 2018, 1:39 PM IST

Kanpur

4 हजार परिवारों पर रिसर्च के बाद जीएसवीएम बताएगा आपको आपकी खुराक

कानपुर। हमारी खाने पीने की आदतों को लेकर आईसीएमआर यानी इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च एक देशव्यापी रिसर्च करेगा. इस रिसर्च के जरिए तय होगा कि हमें किस मात्रा में कितना और क्या खाना चाहिए. हाईकोर्ट दिल्ली में उदय फाउंडेशन की ओर से दाखिल एक जनहित याचिका के बाद यह रिसर्च शुरू की गई है. इस रिसर्च में देश के 15 प्रतिष्ठित मेडिकल इंस्टीटयूशंस शामिल हैं.

चुना गया है मेडिकल कॉलेज को
यूपी में इस रिसर्च के लिए जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज को चुना गया है. बालरोग विभाग कानपुर के आसपास रूरल एरिया में खाने पीने की आदतों को लेकर 4 हजार परिवारों पर रिसर्च करेगा. इसके अलावा कानपुर में मिलने वाले जंक फूड में कितना शुगर, सॉल्ट और फैट है इसकी भी जांच करेगा. शनिवार को मेडिकल कॉलेज में आयोजित वार्ता में यह जानकारी बालरोग विभाग के हेड प्रो. यशवंत राव ने दी. वह इस प्रोजेक्ट के प्रिंसिपल इनवेस्टिगेटर बनाए गए हैं. आईसीएमआर ने इस प्रोजेक्ट के लिए 53.68 लाख रुपए का फंड भी स्वीकृत किया है.

जंक फूड की भी होगी जांच
रिसर्च प्रोजेक्ट के हेड प्रो. यशवंत राव ने बताया कि इस रिसर्च में देखा जाएगा कि किसी जंक फूड में कितना फैट, सॉल्ट और शुगर है. ब्रांडेड और अनब्रांडेड जंकफूड दोनों को ही शामिल किया गया है. हम कानपुर में मिलने वाले खास जंक फूड, मिठाईयों के सैंपल लेकर उनके कंटेंट की जांच के लिए उन्हें हैदराबाद स्थित नेशनल इंस्टीटयूट ऑफ न्यूट्रिशियन में भेजेंगे. यह रिसर्च एक साल में पूरा किया जाएगा. जिसके बाद खाने पीने की चीजों के इस्तेमाल को लेकर एक देशव्यापी गाइडलाइन बनेगी. उन्होंने बताया कि कानपुर में यह प्रोजेक्ट दो रूरल एरिया में चलेगा एक कानपुर देहात जिसमें राष्ट्रपति का गांव परौंख भी शामिल किया गया है और दूसरा घाटमपुर.

4 हजार परिवारों को किया जाएगा शामिल
रिसर्च प्रोजेक्ट में 4 हजार परिवारों को शामिल किया जाएगा. जिसमें उनके घर जाकर उनके खाने पीने की आदतों की जानकारी की जाएगी. उसके मुताबिक व एज फैक्टर को ध्यान में रखते हुए उनका बॉडी मास इंडेक्स जांचा जाएगा. इसके बाद उनके ब्लड सैंपल लेकर उनमें कोलेस्ट्राल लेवल की जांच के साथ बीपी भी चेक किया जाएगा. इन घरों की डाइट हिस्ट्री भी ली जाएगी.