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शुरू हुआ सर्वे, उज्ज्वला योजना का लाभ लेने वालों को नहीं मिलेगा केरोसीन ऑयल

राशन कार्ड के तहत कम रेट में मिलने वाला केरोसीन ऑयल अब उन लोगों को नहीं मिलेगा, जो उज्जवला योजना का लाभ ले रहे हैं. शासन से आए निर्देशों के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने इसके लिए सर्वे भी शुरू कर दिया है. कोटेदारों के यहां राशन लेने आ रहे लाभार्थियों से लिखवाया जा रहा है कि वह उज्जवला योजना का लाभ ले रहे हैं या नहीं.
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कानपुर

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Alok Pandey

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Updated: 9 Nov 2018, 12:50 PM IST

Kanpur

शुरू हुआ सर्वे, उज्ज्वला योजना का लाभ लेने वालों को नहीं मिलेगा केरोसीन ऑयल

कानपुर। राशन कार्ड के तहत कम रेट में मिलने वाला केरोसीन ऑयल अब उन लोगों को नहीं मिलेगा, जो उज्जवला योजना का लाभ ले रहे हैं. शासन से आए निर्देशों के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने इसके लिए सर्वे भी शुरू कर दिया है. कोटेदारों के यहां राशन लेने आ रहे लाभार्थियों से लिखवाया जा रहा है कि वह उज्जवला योजना का लाभ ले रहे हैं या नहीं. सर्वे पूरा होने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी, जिसके बाद इस पर फैसला लिया जाएगा. बता दें कि उज्जवला योजना के अंतर्गत बिजली और गैस कनेक्शन दिया जाता है. ऐसे में लाभार्थियों के पास केरोसीन ऑयल की कोई जरूरत नहीं रह जाती है.

ऐसी मिली है जानकारी
खाद्य आपूर्ति विभाग में केरोसीन ऑयल के वितरण में जमकर कालाबाजारी की जा रही है. इसे रोकने के लिए भी सरकार ने यह फैसला लिया है. अभी हाल ही में विभाग में करोड़ों का राशन घोटाला सामने आया था, जिसमें विभाग के सप्लाई इंस्पेक्टर और कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल हैं. इसमें 3 लोग गिरफ्तार भी किए जा चुके हैं और कई आरोपी सरेंडर करने की फिराक में हैं. मामले में डीएसओ अखिलेश श्रीवास्तव ने बताया कि शासन से आए निर्देशों के आधार पर सर्वे शुरू करा दिया गया है. सर्वे पूरा होने के बाद शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी. सोर्सेज के मुताबिक राशन कार्ड के बनाने से लेकर राशन के वितरण कार्य तक कालाबाजारी का सच सामने आता रहा है. एक वर्ष पूर्व बड़ी संख्‍या में राशन कार्ड कबाड़ में पड़े हुए मिले थे. उस मामले की जांच शुरू हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. इसके बाद एक एक करके राशन वितरण में घोटाला और कालाबाजारी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं. पिछले दिनों प्रदेश का सबसे बड़ा राशन घोटाले का खुलासा हुआ. जिसमें बड़े स्‍तर पर कार्रवाई भी की गई. आगे भविष्‍य में राशन का घोटाला न हो, इसके लिए ही यह पहल की गई है.

एक नजर आंकड़ों पर

- 3,53,493 राशन कार्ड धारक जिले के नगरीय क्षेत्र में

- 63,147 अंत्योदय कार्ड धारक शहर में

- 864 कोटेदार शहर में करते हैं राशन वितरण