
सीसामऊ नाला अब तक नहीं हुआ डायवर्ट, तीन दिन बाद खत्म हो जाएगी डेडलाइन
कानपुर। गंगा में गिर रहे सबसे बड़े नाले को टैप करने के लिए अब डेडलाइन भी खत्म होने की कगार पर है, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हुआ है. जल निगम ने ठेकेदार को 12 नवंबर तक काम पूरा करने का नोटिस दिया था. वहीं काम अब भी जारी है. दीपावली मनाने गए अधिकारी शनिवार यानि कि आज से काम शुरू करेंगे. वहीं जल निगम के अधिकारियों के मुताबिक आज टेस्टिंग भी की जा सकती है. ऐसे में आज तय हो जाएगा कि सीसामऊ नाला सही समय पर टैप हो पाएगा या नहीं.
ऐसे हुआ था लीकेज
बता दें कि सीसामऊ नाले को डायवर्ट करने के लिए राइजिंग मेन लाइन के बैंड में लीकेज हो गया था, इस कारण से 15 मिनट में ही टेस्टिंग को बंद करना पड़ा था. दीपावली से पहले बैंड के चारों ओर कंक्रीट की बीम को खड़ा किया गया था, ताकि लाइन को सपोर्ट दिया जा सके.
ऐसा बताया अधिकारियों ने
अधिकारियों के मुताबिक कंक्रीट को 3 दिन का वक्त सूखने के लिए मिल गया था. बैंड में लीकेज को बना दिया गया था. इस बार डबल लेयर से लीकेज को बंद किया गया. आज भैरोंघाट पंपिंग स्टेशन से 1 पंप चलाकर टेस्टिंग की जाएगी. ऐसे में अगर सबकुछ सही रहा तो दूसरे और अन्य पंपों के माध्यम से नाले के पानी को डायवर्ट किया जाएगा. वहीं म्योर मिल नाले में खराब हुई एक मोटर की भी मरम्मत का काम जलकल ने शुरू करा दिया है.
गंगा प्रदूषण का है सबसे बड़ा कारण
गंगा को प्रदूषित करने में सबसे बड़ा गुनाहगार सीसामऊ नाला है. इसके टैप न होने की वजह से अन्य नाले भी टैप नहीं हो पा रहे हैं. दरअसल, जाजमऊ एसटीपी तक एक मेन लाइन के जरिए ही पूरा सीवेज पहुंचाया जाएगा. इस कारण से सभी नाले एक साथ टैप होंगे. नमामि गंगे योजना के तहत 63 करोड़ रुपए से 6 नालों को डायवर्ट किया जाना है. इसमें सीसामऊ, म्योर मिल, नवाबगंज, डबका नाले को टैप करने का कार्य अंतिम चरण में है. वहीं परमिया और गुप्तार घाट नाले का काम 1 महीने पीछे चल रहा है.
Published on:
10 Nov 2018, 1:56 PM IST
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