8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘एसी, कूलर, पंखा में इलाज कराना है तो निजी हॉस्पिटल में जाओ’

-जिला अस्पताल में तीमारदारों ने भीषण गर्मी की शिकायत की तो कर्मचारियों ने दिया बेतुका जवाब-गर्मी से व्याकुल हर कोई, अस्पताल में मरीजों के वार्ड के पंखे बंद, मची त्राहि-त्राहि
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कासगंज

•

image

Amit Sharma

•

Updated: 6 Jun 2019, 1:46 PM IST

Kasganj District Hospital

'एसी, कूलर, पंखा में इलाज कराना है तो निजी हॉस्पिटल में जाओ'

कासगंज। देश भर के साथ कासगंज जिले में भी गर्मी का प्रकोप है। पशु पक्षी से लेकर बच्चों और बुजुर्गों का हाल बेहाल है। सबसे बुरे हालात कासगंज जिला अस्पताल के हैं। यहां सुविधाओं के नाम पर मरीजों के साथ छलावा हो रहा है। भीषण गर्मी से परेशान वार्डों में भर्ती मरीज और तीमरदार हाथ के पंखों से हवा करने को मजबूर हैं।

Kasganj District Hospital

ये हाल है
जून माह की गर्मी जानलेवा बन गई है। सुबह नौ बजे से ही भगवान भास्कर कहर बरपा रहे हैं। पारा 45 डिग्री पार कर चुका है। पहुंचा। हर कोई पसीना पसीना हो रहा है। परेशान होकर लोग गर्मी से बचने का जतन कर रहे हैं। दोपहर सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। घरों में दुबकने को मजबूर लोगो की दिन चर्या जून माह ने खराब कर दी है। लोग गर्मी से बचने के लिए गन्ने का जूस, मौसमी का जूस, शिकंजी इत्यादि पेय पदार्थों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं।

Kasganj District Hospital

शासन के दावों की खुली पोल
सबसे खराब हालात कासगंज जिला अस्पताल के हैं। कहने को तो योगी आदित्यनाथ सरकार सरकारी अस्पतालो में तमाम आधुनिक सुविधाओं का ढिंढोरा पीट रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। अस्पताल मै भर्ती मरीज और तीमरदार हाथ के पंखा चलाकर अपना इलाज कराने को मजबूर हैं, जबकि जिम्मेदार ऐसी कलूर, पंखा की हवा लेकर जून माह की गर्मी का आनंद उठा रहे हैं।

Kasganj District Hospital

निजी अस्पताल में कराएं उपचार
ऐसे में हमने मरीजों से बात की। उन्होंने बताया कि पंखा चलाने की बात स्वास्थ्य कर्मियों से कहते हैं तो उनका जवाब होता है कि ये सरकारी अस्पताल है, अगर एसी, कूलर, पंखे की हवा में इलाज कराना है तो निजी अस्पताल में जाएं।

सीएमएस प्रभारी ने चलावाया जनरेटर
जिला अस्पताल के सीएमएस प्रभारी डॉ. कृष्ण अवतार से बात की तो उन्होंने गैर जिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि विद्युत की आपूर्ति पूरी तरह से खराब है। अस्पताल का बड़ा जनरेटर 17/ 18 लीटर प्रति घंटा के हिसाब से खाता है। पूरा बजट नहीं मिल पाता। आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है, अभी इंतजाम कराते हैं।