
UP Shiksha mitra
कासगंज। केन्द्र व प्रदेश की सरकार से नाराज शिक्षामित्रों को अब पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मदद मिलने की उम्मीद है। यही कारण रहा कि कासगंज आए सपा के प्रतिपक्ष विधान सभा के नेता रामगोविंद सिंह चौधरी से मिलकर शिक्षामित्रों ने अखिलेश यादव के नाम उन्हें ज्ञापन दिया। ज्ञापन देते हुए शिक्षामित्रों ने आवाज उठाई कि शिक्षामित्रों की इस जंग में वे उनका साथ दें।
शिक्षामित्रों की हो रही अनदेखी
सपा के प्रतिपक्ष विधान सभा के नेता रामगोविंद सिंह चौधरी से मिलने आए शिक्षामित्रों के प्रतिनिधि मंडल ने जहां एक ओर मौजूदा सरकार पर शिक्षामित्रों की अनदेखी का आरोप लगाया, तो वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को संबोधित एक ज्ञापन सौंपकर शिक्षामित्रों के पक्ष में अध्यादेश लागू कराए जाने की मांग उठाई। पूर्व सीएम अखिलेश यादव को संबोधित ज्ञापन में प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि शिक्षामित्रों को सहायक पद से हटाने के बाद 600 शिक्षामित्रों की मौत हो चुकी है, शिक्षामित्रों की हालत दयनीय होती जा रही है। इसके बावजूद भी बीजेपी सरकार शिक्षामित्र मामले को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने पूर्व सीएम से मांग करते हुए कहा है कि शिक्षामित्रों के पक्ष में अध्यादेश लाकर उनका गया हुआ सम्मान वापस दिलाया जाए।
सपा ने दिया था तोहफा
रामगोविंद सिंह चौधरी ने शिक्षामित्रों के मामले में बताया कि समाजवादी पार्टी ने शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनाया, और टीईटी करने का मौका दिया, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने कोई पैरवी नहीं की, जिससे सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया। फिर समाजवादी पार्टी की सरकार आएगी, तो कोई न कोई रास्ता शिक्षामित्रों के हित में निकाला जाएगा।
Published on:
18 May 2018, 6:17 PM IST
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