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katni news: साइबर फ्रॉड गैंग का बड़ा खुलासा, चोरी के मोबाइल से UPI पिन सेट कर उड़ाए 2.10 लाख रुपए

Cyber ​​fraud network: पुलिस ने मोबाइल चोरी की शिकायत की जांच में साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया और झारखंड के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
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कटनी

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Astha Awasthi

Aug 17, 2026

Cyber ​​fraud network: तीन आरोपी गिरफ्तार (Photo Source - Patrika)

Cyber ​​fraud network: तीन आरोपी गिरफ्तार (Photo Source - Patrika)

katni news:एमपी के कटनी जिले में मोबाइल चोरी की एक शिकायत की जांच करते हुए बाकल थाना पुलिस ने ऐसे साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया है, जो चोरी किए गए मोबाइल फोन के जरिए लोगों के बैंक खातों तक पहुंचकर रकम निकाल रहा था। पुलिस ने मामले में झारखंड के साहिबगंज जिले के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने कटनी सहित जबलपुर और उत्तरप्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में 14 मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है।

सोमवार को पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने खुलासा करते हुए बताया कि 2 जुलाई 2026 को बाकल थाने में साइबर पुलिस पोर्टल के माध्यम से शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता शंकरलाल महतो का मोबाइल 26 जून को बाकल बाजार से गायब हो गया था। इसके बाद 30 जून को फरियादी को जानकारी मिली कि उसके बचत खाते और केसीसी खाते से 29 जून, 30 जून और 1 जुलाई को कुल 2 लाख 10 हजार रुपये की राशि धोखाधड़ी कर निकाल ली गई है।

तकनीकी जांच में सामने आए साइबर फ्रॉड के तार

शिकायत के आधार पर बाकल थाने में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीम गठित की। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और साइबर फ्रॉड से जुड़े लेन-देन का विश्लेषण किया तो इसके तार दूसरे जिलों और राज्यों तक जुड़े मिले। जांच के दौरान पुलिस को तीन संदिग्धों की जानकारी मिली, जो डिंडौरी क्षेत्र में घूमते पाए गए। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने मोबाइल चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों की पहचान तिवारी महतो (35) निवासी साहिबगंज, झारखंड, उज्जवल कुमार उर्फ डिस्को महतो (39) निवासी साहिबगंज, झारखंड और रोनू महतो, निवासी साहिबगंज झारखंड के रूप में की है।

चोरी के मोबाइल से खाते खाली करने का तरीका

एएसपी कमल मौर्य ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे करीब एक वर्ष से जबलपुर के दीनदयाल चौक के पास किराए के मकान में रहकर बाकल, सिहोरा और जबलपुर के अलग-अलग बाजारों में मोबाइल चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। चोरी किए गए ऐसे मोबाइल फोन, जिनमें स्क्रीन लॉक नहीं होता था अथवा जिन्हें आसानी से खोला जा सकता था, उनमें यूपीआई पिन सेट कर बैंक खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी जाती थी। पुलिस के मुताबिक चोरी किए गए मोबाइल फोन को गिरोह के सदस्य करीम शेख उर्फ साजन, निवासी मालदा, पश्चिम बंगाल के पास भेजते थे। इसके बाद प्राप्त रकम को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।

कटनी समेत कई जिलों में वारदात

आरोपियों ने पूछताछ में कुल 14 मोबाइल चोरी करना स्वीकार किया है। इनमें जबलपुर जिले के सिहोरा, गढ़ा और लार्डगंज, उत्तरप्रदेश के गोरखपुर तथा कटनी जिले के बहोरीबंद और बाकल क्षेत्र में की गई वारदातें शामिल हैं। पुलिस अब आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों और चोरी किए गए मोबाइल तथा रकम के संबंध में भी पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं।