
Anna Hazare statement on Pakistan issue
कटनी. सतना में आयोजित विशाल सभा में शामिल होने के लिए मंगलवार को समाजसेवी अन्ना हजारे अल्प प्रवास पर कटनी पहुंचे। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरहद पर प्रतिदिन जवान शहीद हो रहे हैं और सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। इतने जवान कभी लड़ाई में शहीद नहीं हुए, जितने अब हो रहे हैं। देश हित में पाक से आरपार का मुकाबला होना चाहिए। उन्होंने किसानों के प्रति चिंता जाहिर करते हुए कहा कि 23 मार्च से एक बार फिर आरपार की लड़ाई के लिए जा रहा हूं। दिल्ली के रामलीला मैदान में जिस तरह से लोकपाल और लोकायुक्त बिल के लिए लड़ाई लड़ी है। एक बार अन्नदाता के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि देश में किसानों की स्थिति अच्छी नहीं है, किसान आत्महत्या करने मजबूर है, सरकार चुप बैठी है।
5 हजार मिले पेंशन
अन्ना हजारे ने पत्रिका से खास बातचीत में कहा कि पूरा जीवन किसान खेती में बिता देता है और जब उसकी 60 साल की उम्र हो जाती है तो मुश्किल से 500 रुपए पेंशन मिलती है, जो बहुत कम है। कम से कम प्रतिमाह किसान को 5 हजार रुपये पेंशन मिलनी चाहिए। हजारे ने कहा कि जब देश में पैदावार होती है उस समय भी आयात-निर्यात का खेल होता है, यह गलत है। दोहरी नीति बंद होनी चाहिए।
सरकार को अडानी-अंबानी की चिंता
अन्ना हजारे ने सरकार के रवैये को लेकर भी तल्ख बात कहीं। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों, मजदूरों, गरीबों और बेरोजगारों की कोई चिंता नहीं कर रही। सरकार को तो सिर्फ अडानी और अंबानी की ज्यादा चिंता है। कई दिनों से किसान पेंशन बिल संसद में पड़ा है उसे पास नहीं किया जा रहा।
बकरी को गाजर दिखाने जैसा बजट
बजट पर अन्ना हजारे ने कहा कि बजट बकरी को गाजर दिखाने जैसा है। यह चुनावी बजट है। देश की जनता के साथ सरकार सिर्फ धोखा कर रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में होने वाले २३ मार्च के आंदोलन में अन्नदाता का मुद्दा उठाया जाएगा। राजनीति मेरा मकसद नहीं है। मेरा काम समाज सेवा करना है वह मैं अंतिम सांस तक करता रहूंगा।
Published on:
7 Feb 2018, 8:01 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.