
Pradhan Mantri Awas Yojana
कटनी. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2022 तक सभी को छत देने की बात कही जा रही है। इसके लिए समय-समय पर लक्ष्य पूरा होने के आंकड़े भी पेश किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर एक हकीकत ऐसी है जिसे जानकर आप दंग रह जाएंगे। सरकार ने मकान बनाने के लिए गरीबों के खाते में डेढ़-डेढ़ लाख रुपए डाल रही है, लेकिन लोग पैसे लेकर खर्च कर लिए हैं। जिले में 2100 हितग्राही ऐसे हैं जो मकान बनाने वाली राशि का बंदरबांट कर चुके हैं। किसी ने उस पैसे से कुछ सामान खरीद लिया तो कोई कर्ज चुका लिया। मकान के नाम पर कहीं पत्थरों का टीला है तो कहीं झोपडिय़ां। परेशान अधिकारी अब लोगों पर मुकदमा दर्ज करवाने की बात भी करते हैं, लेकिन हितग्राहियों को कोई फर्क नहीं पड़ता। जिला पंचायत विभाग द्वारा एक हजार से अधिक आरआरसी के प्रकरण भी जारी किये जा चुके हैं, लेकिन हितग्राही मनमानी कर रहे हैं। पहले गरीबों को मकान देने के लिए इंदिरा अवास योजना, मुख्यमंत्री अंत्योदय आवास योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन, फारेस्टर राइट एक्ट, आवास उन्नययन योजना चलाई गई, लेकिन मु_ीभर लोगों को ही आवास का लाभ मिला पाया। पीएम आवास योजना से पक्की छत नसीब होने की आस बंधी थी, जिसमें हितग्राही स्वयं पलीता लगा रहे हैं।
यह है योजना की स्थिति
जिले में 2011 की सर्वे सूची के अनुसार 23 हजार गरीब परिवार के पक्के आवासों का निर्माण हो चुका है। 31 हजार आवासों का निर्माण शेष है जो प्रगति पर है, लेकिन इनमें से जिले में 2100 हितग्राही ऐसे हैं जो पीएम आवास के तहत प्रथम और द्वितीय किश्त लेकर मकान नहीं बनवा रहे हैं। पहली किश्त लेने के बाद 800 हितग्राही और दूसरी किश्त लेकर मकान न बनवाने वालों की संख्या 900 के पार हैं। तीसरी किश्त के हितग्राही भी संख्या 400 के पार है।
पैसे मिलने के बावजूद नहीं बनाया घर
केस 01
रीठी जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कैना में के हितग्राही धरमदास है। जिसका पीएम आवास 2016 में स्वीकृत हुआ था। तीन साल पहले पक्के आवास निर्माण के लिए राशि मिल गई थी, लेकिन उसने मकान की नीव तक नहीं बनाई। धरमदास को दिसंबर 16 में प्रथम किश्त 40 हजार रुपए की जारी हो गई थी, लेकिन उसने आवास नहीं बनवाया। उसका कहना कि रुपए शादी में खर्च हो गया है।
--
केश 02
इसी तरह से एक मामला पोड़ी पंचायत का है जहां पर हितग्राही को 40 हजार रुपए मकान बनाने के लिए पहली किश्त मिल चुकी है, लेकिन हितग्राही शांति बाई बर्मन पोड़ी ने पूरी राशि को अन्य उपयोग में खर्च कर लिया है। अधिकारी उसे आवास बनाने के लिए कह रहे हैं तो वह रुपए न होने का हवाला दे रही है। जनपद द्वारा राशि वसूली के आरआरसी प्रकरण बनाया गया है।
मुकदमा दर्ज करने की बात पर भी नहीं मान रहे हितग्राही
जिन हितग्राहियों ने किश्त लेकर आवास नहीं बनवाया, उसके लिए जनपद स्तर पर मुकदमा दर्ज कराने, कार्रवाई आदि की बात कही जा रही है, तब भी हितग्राही नहीं मान रहे। राशि वसूली के आरआरसी भी जारी हुई है, लेकिन हितग्राहियों को विशेष पर्क नहीं पड़ रहा। अधिकारी बताते हैं कि जब वे उनसे पूछते हैं तो कोई कर्ज चुकाना तो कोई घर के अन्य खर्च में राशि का उपयोग कर लेना बता रहे हैं। ग्राम पंचायत, जनपद और जिला पंचायत के विभागीय अधिकारी हितग्राहियों से प्रतिदिन मकान बनाने के लिए मनौती करते देखे जा रहे हैं।
इनका कहना है
हितग्राही जल्द से जल्द पीएम आवास का निर्माण करायें, इसके लिए माटीवेट किया जा रहा है। जनपद स्तर पर आरआरसी के प्रकरण भी बने हैं। काफी लोग बनाने तैयार हैं। वसूली की कार्रवाई कर पीएम आवास का टारगेट पूरा करने पहल की जाएगी।
फ्रेंकनोबल ए, सीइओ, जिला पंचायत।
Published on:
14 Oct 2018, 5:11 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.