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यहां लगी आग तो नहीं मिल पाती दमकल की मदद…जानिए कारण

ढीमरखेड़ा तहसील के गांव जिला मुख्यालय से दूर, दमकल वाहन को पहुंचने में लगता है अधिक समय, पड़ोसी जिले से मदद लेने को मजबूर ग्रामीण
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कटनी

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Mukesh Tiwari

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Updated: 9 Jan 2018, 12:18 PM IST

fire

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कटनी. ढीमरखेड़ा तहसील का अंतिम गांव जिला मुख्यालय से ९० किमी. दूरी पर स्थित है। मुख्यालय से इतनी दूरी क्षेत्र में आग लगने के दौरान ग्रामीणों को बेबस करती है, जब घटना के बाद फोन कर मंगाई फायर बिग्रेड समय पर नहीं पहुंच पाती है। ऐसी स्थिति में या तो ग्रामीण खुद की मोटर से पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास करते हैं। आग बड़ी हो तो पड़ोसी जिले जबलपुर की मदद लेनी पड़ती है। इसका कारण यह है कि आज तक जिला मुख्यालय से दूरी अधिक होने के बाद भी प्रशासन ने ढीमरखेड़ा तहसील मुख्यालय मेंं दमकल वाहन की व्यवस्था नहीं कराई है।
केस नंबर-०१
१ दिसंबर को कटरा में खलिहान में भड़की आग में कई किसानों का अनाज जलकर खाक हो गया। आग लगने के बाद वाहन की व्यवस्था न होने से ग्रामीणों ने आसपास की बोरिंग व कुएं से मोटर के सहारे पानी डालकर आग पर काबू पाया। अल्प वर्षा में किसी तरह से धान बचाने वाले किसानों की मेहनत की कमाई आग में जलकर खाक हो गई।
केस नंबर-०२
२५ दिसंबर को इटौली निवासी नरेश प्रसाद पिता गोविंद प्रसाद तिवारी के घर में आधी रात को आग भड़क उठी। परिजनों ने पड़ोसियों को आवाज दी और उसके बाद लोगों ने बोरिंग, घरों से पानी लाकर आग पर काबू पाया। आगजनी की घटना में परिवार के लगभग ५० हजार रुपये नकद, डेढ़ लाख रुपये कीमत के जेवर, बर्तन सहित अनाज व कपड़े आदि जलकर खाक हो गए।
केस नंबर-०३
३ जनवरी को कोठी निवासी गुलाब सिंह ठाकुर के घर में दोपहर को आग भड़की। दुर्घटना की जानकारी लगते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पाइपों के सहारे पानी पहुंचाकर आग बुझाई। दुर्घटना में गुलाब की गृहस्थी का समान जलकर खाक हो गया। पिछले साल गर्मी के दिनों में आधा सैकड़ा आग लगने की घटनाएं तहसील क्षेत्र में हुई थीं लेकिन दमकल की मदद नहीं मिल पाई थी।
नगर परिषद का फंसा पेंच
क्षेत्रीय जनोंं ने प्रशासन से कई बार तहसील मुख्यालय को एक वाहन उपलब्ध कराने मांग अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों के सामने रखी है लेकिन आज तक कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। अधिकारियों का कहना है कि नगर परिषद होने पर दमकल वाहन उपलब्ध कराया जाता है। ढीमरखेड़ा की ग्राम पंचायत उमरियापान को नगर परिषद बनाने की घोषणा १५ अक्टूबर २०१६ को मुख्यमंत्री ने प्रवास के दौरान की थी लेकिन परिषद गठन की प्रक्रिया अभी भी लंबित पड़ी है।

इनका कहना है....
तहसील मुख्यालय की जिला मुख्यालय से दूरी अधिक है। इसके चलते दमकल वाहन के घटना स्थल तक पहुंचने में देरी होती है। उमरियापान नगर परिषद गठन की प्रक्रिया पूरी होने पर ही वाहन उपलब्ध हो पाएगा। व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की जाएगी।
नितिन टाले, एसडीएम ढीमरखेड़ा